बजरंग दल का 32 वां स्थापना दिवस गुरुवार को धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शहर में वाहन जुलूस निकाला और हिंदुत्व की रक्षा का संकल्प लिया। इसके बाद संघ कार्यालय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इसमें बजरंग दल के मुख्य उद्देश्यों के बारे में कार्यकर्ताओं को अवगत कराया गया।गोष्ठी को संबोधित करते हुए बजरंग दल के जिला संयोजक अखिलेश डीहा ने कहा कि बजरंग दल की स्थापना 8 अक्तूबर 1984 में हुई थी। जब राम जन्मभूमि यात्रा, संत समाज व विहिप द्वारा निकाली जा रही थी।
तब तत्कालीन प्रदेश सरकार ने सुरक्षा को लेकर अपने हाथ खड़े कर लिए थे और हिंदू विरेधी ताकतों ने यात्रा को असफल बनाने के लिए धमकी दी थी। तब से लेकर आज तक बजरंग दल हिन्दू धर्म, समाज व संस्कृति की रक्षा के लिए संघर्षरत है।
उन्होंने कहा कि हिन्दू संस्कृति ही भारतवर्ष की पहचान है। जो भी देश द्रोही भारत की पहचान मिटाने का प्रयास करेगा उसे सहन नहीं किया जाएगा। सह संयोजक अजय तिवारी ने कहा कि ब समय आ गया है कि हिन्दू धर्म व हिन्दू समाज के लिए सभी हिन्दू संगठन एक मंच पर आएं।
प्रदेश सरकार हिन्दुओं के साथ्ज्ञ सौतेला व्यवहार कर रही है। इस मौके पर आशु यादव, रिषी चौहान, ज्ञानदीप गौतम, नमन, मुकुल, दुर्गेश चौहान, रूपेश ठाकुर, विवेक कुशवाहा आदि मौजूद रहे।