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यूपी: जालौन में ट्रक की टक्कर से बाइक सवार महिला की मौत, पति गंभीर, मासूम का रो-रोकर बुरा हाल

Sun, 27 Jun 2021 08:49 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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मृतक शिल्पी, हादसे के बाद बेहोश बच्ची - फोटो : amar ujala
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जालौन के कदौरा में रिश्तेदारी से लौट रहे दंपती की बाइक में ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। इससे दंपती और बच्ची उछलकर सड़क पर जा गिरे। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी कदौरा पहुंचाया। डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। पति की हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद छुुट्टी दे दी।
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उधर, ग्रामीणों ने ट्रक को पकड़ लिया है, जबकि चालक और खलासी भाग गए। बताया जाता है कि बाइक चालक हेलमेट लगाए था, इसी कारण उसकी जान बच गई। उसके सीने और पैर में गंभीर चोट लगी है। महिला की मौत सिर में चोट लगने से बताई जा रही है। कालपी के मोहल्ला आलमपुर निवासी विवेक तिवारी (30) पत्नी शिल्पी (28)  और दो साल की बेटी परी के साथ बाइक से हमीरपुर के मौदहा स्थित रिश्तेदारी गए थे।

रविवार की दोपहर वह बाइक से लौट रहे थे। कदौरा थाना क्षेत्र के पंडौरा के पास पीछे से आ रहे ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। इससे दंपती और बच्ची उछलकर सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए। हादसे की सूचना राहगीरों ने पुलिस को दी। मौके पर पुलिस ने घायलों को सीएचसी कदौरा पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने शिल्पी को मृत घोषित कर दिया। विवेक की हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। परिजनों को घटना की जानकारी मिली तो घर में कोहराम मच गया। उधर, टक्कर मारकर भाग रहे ट्रक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया, लेकिन चालक और खलासी भाग गए। विवेक मवई ब्राह्मण थाना कदौरा के मूल निवासी हैं। कुछ साल से परिवार के साथ कालपी नगर में रहते हैं और वे परशुराम सेना के महामंत्री भी हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने कहा कि ट्रक को कब्जे में लेकर चालक की तलाश की जा रही है।

बच्ची को दिलासा देते रहे परिजन
दो साल की परी चोट लगने के बाद बार-बार मम्मी को बुला रही थी। परिजन उसको मम्मी आ रही है का दिलासा दे रहे थे। परी की रोने और मम्मी को बुलाने की चीख सुन कर हर कोई गमनीन था 

स्पीड ब्रेकर न होने से हो रहे हादसे
आए दिन होने वाले हादसों से क्षेत्रीय लोगों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग की, लेकिन प्रशासन ने नहीं सुनी। बताया कि तेज रफ्तार ट्रकों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं करती है।
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