राष्ट्रीय आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने
कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को धरना देकर प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा
कि बुंदेलखंड के किसान कई साल से दैवी आपदाओं से जूझ रहे है। फसल नष्ट होने
से आर्थिक संकट खड़ा हो गया जिससे किसान आत्महत्या और पलायन करने को विवश
है। देश व प्रदेश सरकार किसानों के बैंक ऋण माफ करे।
साथ ही 15 साल तक खेती
के लिए ब्याज मुक्त ऋण की व्यवस्था हो। किसानों ने प्रदर्शन के दौरान अपनी
समस्याओं को उजागर किया। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के लिए दो टुकड़ी
पीएससी व स्थानीय पुलिस फोर्स मौजूद रही। डीएम रामगणेश न पहुंचकर ज्ञापन
लिया। सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में भाकियू के धरना प्रदर्शन में
मंडलीय अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने
कहा कि बुंदेलखंड में किसानों के
हालात ठीक नहीं हैं। आर्थिक रूप से टूट चुका किसान मौत को गले लगाने पर
मजबूर है। सरकार को किसानों के लिए कृषि नीति बनाकर कर्ज माफ करने होंगे।
तभी किसानों का पलायन रोका जा सकता है। किसान नेता राघवेंद्र सिंह गिधौसा
ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के साथ किसानों की बेटी के विवाह
कराओ नीति भी
अपनानी होगी। इसके अलावा जिलाध्यक्ष बृजेश राजपूत ने कहा कि
किसानों को एक बार फिर से सूखा का सामना करना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में
तो बुवाई ही नहीं हो पाई और जहां हो गई वहां पर पानी के अभाव में फसल सूख
रही है। किसानों ने अन्ना जानवरों से होने वाले नुकसान समेत क्षेत्र की
समस्याओं को प्रमुखता से रखा। इसके बाद पहुंचे डीएम रामगणेश ने उनकी पूरी
बात सुनी और जिला स्तर पर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों
ने पीएम को संबोधित 11 सूत्री और सीएम को संबोधित 10 सूत्री मांग पत्र
सौंपा। इस दौरान किसान केदारनाथ, रामलखन, लल्लूराम, जेंटर सिंह, सुरेश
चौहान, महेंद्र सिं चौहान, चतुर सिंह, देवसिंह पटेल, रामकुमार पटेल,
शिवबालक सिंह, देवेंद्र, प्रभूदयाल, रामपाल सिंह, जयपाल सिंह मुखिया,
डा.राधेलाल, गरीब दास नन्ना, शत्रुघन सिंह आदि मौजूद रहे।