बदलते मौसम में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। ऐसे में मच्छरों के काटने से लोग टाइफाइड की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
मौसम में बदलाव आते ही मच्छरों प्रकोप बढ़ने लगा है। इससे टाइफाइड मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। शहर के अस्पताल व क्लीनिक पर ऐसे मरीजों की रोज भीड़ जुटती है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डा. राहुल सचान ने बताया कि इस समय टाइफाइड का प्रकोप अधिक है। इस बीमारी में लोगों को अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस समय ओपीडी में मरीजों की संख्या तीन गुणा तक बढ़ गई है।
पूर्व की अपेक्षा अब हर रोज मरीजों की संख्या 300 से अधिक रहती है। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति को टाइफाइड है, वह 14 दिन की पूरी दवा का सेवन करें। कई लोगों को 10 दिन में आराम मिल जाता है और वे दवा लेना बंद कर देते हैं। इससे टाइफाइड के दोबारा पनपने की आशंका बनी रहती है। टाइफाइड होने पर खाने में दलिया, खिचड़ी के अलावा पचने वाला भोजन ही लें।
ये हैं लक्षण-चिकित्सकों के अनुसार टाइफाइड में ठंड लगकर बुखार आता है, भूख नहीं लगती है। आंतों में लाल दाने उभर आते हैं।
बरतें सावधानियां-डॉक्टरों का कहना है कि टाइफाइड में पका हुआ भोजन करें, मांस खाने से परहेज करें, उबला पानी का इस्तेमाल करें, तली हुई चीजों का सेवन न करें और तेल, मिर्च व मसाले का प्रयोग कम करें।