जालौन। लौना रोड पर रविवार रात डीसीएम में पशुओं को क्रूरता से बांधकर बेचने सिरसागंज ले जा रहे दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से दो तमंचे, छह कारतूस, बरामद हुए हैं। उनके दो साथी भाग गए। 14 गोवंशों को गोशाला में संरक्षित किया गया है।
कोतवाल अजय ब्रह्म तिवारी को सूचना मिली कि लौना रोड पर एक डीसीएम में गोवंशीय पशुओं को तस्करी के लिए बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की ओर ले जाया जा रहा है। पशुओं को क्रूरतापूर्वक डीसीएम में बांधा गया है। सूचना मिलते ही उन्होंने एसआई मनीष तिवारी कांस्टेबल राहुल सिंह, विकास कुमार, जितेंद्र सारस्वत व शुभम सिसौदिया के साथ मौके पर भेजा। पुलिस लौन रोड के छानी खास पेट्रोल टैंक के आगे डीसीएम का इंतजार करने लगी। कुछ देर बाद जब डीसीएम वहां से निकली तो पुलिस ने उसे रोका।
पुलिस को देखते ही दो व्यक्ति डीसीएम से उतरकर भाग निकले। पुलिस ने इटावा जिले बकेवर थाना क्षेत्र के मोहल्ला पुरावली दरवाजा तकिया लखना निवासी इब्राहीम व सलमान को उतारकर जब उनसे गाड़ी के कागजात मांगे तो वह नहीं दिखा सके। तलाशी में पुलिस ने दोनों के पास से दो तमंचे, छह कारतूस, 2600 रुपये नकद व मोबाइल फोन बरामद किए। डीसीएम की तलाशी में 14 गोवंशीय पशु बेरहमी से बांधे हुए मिले। इनके मुंह से लार व झाग निकल रहा था।
पुलिस ने डीसीएम को कोतवाली लाकर खड़ा कराया और पशुओं को हीरापुर स्थित गोशाला में भेजा गया। पकड़े गए युवकों ने बताया कि वह गांवों और अन्य स्थानों पर आवारा गोवंशों को पकड़कर उन्हें फिरोजाबाद के सिरसागंज बाजार में ले जाकर बेच देते हैं। इन पशुओं को भी वह बेचने के लिए सिरसागंज ले जा रहे थे। तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। भागने वालों में एक व्यक्ति छविराम निवासी छानी खास है और दूसरा डीसीएम का मालिक है, जिसका नाम पता उन्हें मालूम नहीं है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम व आर्म्स एक्ट के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है।