उरई। युवक के साथ मारपीट और जातिसूचक गालीगलौज के मामले में गुरुवार को विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट सुरेश चंद्र ने तीन लोगों पर दोष साबित होने पर दो दो साल की कैद और छह छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
शासकीय अधिवक्ता हृदेश पांडेय ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गांधीनगर निवासी रूपेंद्र वर्मा 18 जुलाई 2015 की शाम करीब साढ़े छह बजे मौनी बाबा मंदिर दर्शन के लिए जा रहा था। तभी सागर भुर्जी निवासी तुलसीनगर, सुमित सेन निवासी गांधीनगर, जतिन राजपूत निवासी गांधीनगर एक व्यक्ति की पिटाई कर रहे थे। जब रूपेंद्र ने इसका विरोध किया तो इन लोगों ने गालीगलौज करते हुए उसके साथ मारपीट कर दी।
गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीओ जंग बहादुर ने इस मामले की जांच की। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि विशेष न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट सुरेश चंद्र ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद दोषी सागर भुर्जी, सुमित सेन और जतिन राजपूत को दो दो साल की कैद और छह छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।