उरई। घर से किशोरी को ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 40-40 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
कोंच कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी पिता ने 29 सितंबर 2023 को थाना पुलिस को तहरीर दी। बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी (13) रात में घर पर अकेली सो रही थी। तभी मोहल्ले के ही दिनेश और टिक्कू किसी तरह घर में घुस आए और बेटी का मुंह दबाकर टिक्कू के घर उठाकर ले गए। वहां दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया।
बेटी ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ दुष्कर्म, एससीएसटी एक्ट व पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया। न्यायालय में कलम बंद बयान दर्ज कराए। जहां किशोरी ने दोनों के खिलाफ दुष्कर्म की बात कही। पुलिस ने दिनेश और टिक्कू को एक अक्तूबर 2023 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और दोनों आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट कोर्ट में आठ अक्तूबर 2023 को चार्जशीट दाखिल कर थी।
तबसे दोनों आरोपी जेल में बंद थे। शुक्रवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहम्मद कमर ने दिनेश ओर टिक्कू को किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और चालीस चालीस हजार रुपये जुर्माना लगाया।