उरई (जालौन)। किशोर के अपहरण के मामले में अपर जिला जज गैंगेस्टर कोर्ट अनिल कुमार यादव ने दो लोगों को दस दस साल की सजा और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामला छह साल पुराना है। घटना उरई कोतवाली क्षेत्र की है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता ह्देश कुमार पांडेय ने बताया कि शहर कोतवाली के मोहल्ला इंदिरानगर निवासी रामस्वरूप ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका कक्षा आठ में पढ़ने वाला बेटा नरेंद्र उर्फ पवन बाजार में गर्म कपड़े खरीदने की बात कहकर 29 दिसंबर 2013 की शाम पांच बजे घर से निकला था, फिर वापस नहीं लौटा। इसके बाद पांच लाख रुपये की फिरौती के फोन आए। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी।
27 जुलाई 2014 को मुखबिर की सूचना पर रामपाल सिंह पुत्र देवीदास निवासी ऐरी थाना डकोर व उसके साथी शिवकुमार पुत्र मनभावन निवासी भीकमगढ़ थाना लहार जिला भिंड को ऐरी रमपुरा के जंगल से गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से अपहृत नरेंद्र को भी बरामद कर लिया था।
मामले की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता ह्देश पांडेय ने बताया कि सोमवार को अपर जिला जज गैंगस्टर कोर्ट अनिल कुमार यादव ने रामपाल सिंह व शिवकुमार पर दोष साबित होने पर दस-दस साल के कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर तीन-तीन माह का माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।