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दो छात्राओं को डंपर ने रौंद डाला

Thu, 26 Nov 2015 11:16 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
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भाई के साथ साइकिल से स्कूल जा रही दो स्कूली छात्राओं की डंपर की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे में भाई बाल-बाल बच गया। सूचना मिलने पर परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुंचे और जाम लगाकर डंपर में तोड़फोड़ कर दी। थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे लेकि न मामला बढ़ते देख उन्होंने आला अधिकारियों को सूचित किया। इस पर एसडीएम
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माधौगढ़, सीओ के साथ कई थानों की फोर्स को साथ लेेकर पहुंच गए। उनके समझाने के बाद लोग शांत हुए। पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना व कस्बा रामपुरा निवासी शिवकुमार का बेटा शैलेंद्र  बहन शिल्पी (5) और मोहल्ले के ही दौलतराम की बेटी करिश्मा (5) के साथ गुरुवार सुबह करीब नौ बजे साइकिल

से स्कूल जा रहा था। साइकिल शैलेंद्र ही चला रहा था। जब तीनों बच्चे रामपुरा क्षेत्र के इलाहाबाद बैंक के सामने पहुंचे तो निर्माणाधीन सड़क पर पड़ी बजरी में साइकिल फिसल गई। तीनों सड़क पर जा गिरे। तभी वहां से गुजर रहे डंपर ने दोनों बच्चियों को रौंद डाला। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा देख शैलेंद्र बेहोश हो गया। इसके बाद आसपास के
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लोग मौके पर पहुंचे और चालक को पकड़कर उसकी धुनाई कर दी। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष राजाभईया ने चालक को बचाकर थाने भिजवाया। घटना की सूचना पर दोनों छात्राओं के परिजन पहुंचे और ग्रामीणों के साथ जाम लगा दिया। वहां सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई। कुछ लोगों ने डंपर में तोड़फोड़ कर आग लगाने का प्रयास किया। बवाल की सूचना पाकर

एसडीएम माधौगढ़ एसपी अग्रवाल, सीओ महेंद्र पाल गोहन, माधौगढ़, रेढ़र , कुठौंद आदि थानों के फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित परिजनों को समझाकर करीब चार घंटे बाद जाम खुलवाया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दो मासूम बच्चियों की मौत से पूरे नगर में शोक का माहौल है।

अब कौन बांधेगा राखी
हादसे में बेटियों की मौत से दोनों परिवार स्तब्ध हैं। खास बात यह है कि दोनों परिवारों में बेटों से ज्यादा लाडली बेटियां ही थीं। दोनों बच्चियां अपने दो-दो भाइयों में इकलौती थीं। शिव कुमार को तीन संतानें हैं जिनमें पुत्र गोपाल व तुषार के बीच में सिर्फ शिल्पी ही एक बहन थी। इसी तरह दौलत राम का परिवार है, उसको भी दो पुत्र शैलेंद्र व दीपक के बाद

करिश्मा ही थी। हादसे में उसकी मौत से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। भाई ने रोते हुए हुए कहा, अब कौन उसके हाथ में राखी बांधेगा और कौन भाई दूज पर तिलक करेगा।
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