रेलवे स्टेशन पर उतरा मालगाड़ी का डिब्बा।
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उरई (जालौन)। उरई स्टेशन के आउटर पर बुधवार की शाम मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। बड़ा हादसा होते-होते बचा। डिब्बों के उतरने की वजह से कुछ ट्रेनों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया। रेलवे की टीम देर शाम तक डिब्बों को पटरी पर लाने के प्रयास में जुटी रही। रेल अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पड़ताल की जाएगी। शाम पांच बजे के आसपास गेंहूं से लदी मालगाड़ी दो नंबर प्लेटफार्म पर आकर रुकी। इसके कुछ देर बाद ही रेल कर्मियों को सूचना मिली कि दो नंबर प्लेटफार्म पर ही लखनऊ-चेन्नई एक्सप्रेस को आना है। आनन-फानन में मालगाड़ी को दो से एक नंबर प्लेटफार्म पर लाने का प्रयास शुरू किया गया। इसी बीच मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। इसकी जानकारी मिलते ही रेल अघिकारियों के हाथ पांव फूल गए।
तत्काल ही लखनऊ चेन्नई एक्सप्रेस को आउटर पर ही रोका गया। दोनों प्लेटफार्मों पर मालगाड़ी के डिब्बे फंसे होने के कारण राप्तीसागर को भी कालपी में खड़ा करा दिया गया। इसके बाद रेलवे कर्मियों की टीमें डिब्बों को पटरी पर लाने के प्रयास में जुट गई। दूसरी ओर प्लेटफार्म पर राप्तीसागर और लखनऊ चेन्नई एक्सप्रेस का इंतजार करते यात्रियों को भी लेटलतीफी के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जबकि बीच रास्ते में खड़ी ट्रेनों के यात्री भी पानी के लिए परेशान रहे। यात्रियों का कहना है कि यदि लखनऊ चेन्नई को ऐन वक्त पर आउटर में नहीं रोका जाता तो बड़ा हादसा भी हो सकता था। रेल अधिकारियों का कहना है कि पटरी से उतरे दोनों डिब्बों में लदी गेंहू की बोरियां उतारने के बाद ही उन्हें ट्रैक पर वापस लाया जा सकेगा। इस कारण काफी समय लग सकता है। हो सकता है कि कुछ और ट्रेनों को बीच रास्ते में रोका जाए। फिलहाल यह पता किया जा रहा है कि जब लखनऊ चेन्नई एक्सप्रेस को दो नंबर पर आना था तो मालगाड़ी का स्टापेज भी उसी दो नंबर पर कैसे दिया गया।
पैदल ही चल पड़े यात्री
काफी देर तक जब लखनऊ चेन्नई एक्सप्रेस आउटर पर ही खड़ी रही तो यात्रियों से न रहा गया और वे कोच से उतरकर पैदल ही स्टेशन की ओर चल पड़े। इस बीच कई यात्री जान जोखिम में डालकर पैदल ही ट्रैक पर चलते दिखाई दिए।
पूछताछ खिड़की पर लगी रही भीड़
ट्रैक बाधित होने से स्टेशन पर आने वाली ट्रेनों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया। इसकी वजह से परेशान यात्रियों की भीड़ स्टेशन की पूछताछ खिड़की पर घंटों लगी रही। हर कोई अपनी ट्रेन की लोकेशन जानने के लिए परेशान नजर आ रहा था।