सड़क पर पड़े गिट्टी के ढेर से बचने के चक्कर में शनिवार को देर रात आमने-सामने से आ रही बारातियों से भरीं दो बसें सड़क किनारे अलग-अलग गड्ढों में जा गिरीं। इससे बसों में बैठे दर्जन भर यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। लगभग दो दर्जन बारातियों को मामूली चोटें आईं। चीख पुकार सुनकर आसपास के गांवों के लोगों ने बसों में फंसे लोगों को बाहर निकालकर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
पहुंचाया। शनिवार देर रात हरपाल की बारात बस से दहगुवां से बंगरा जा रही थी। वहीं, मध्य प्रदेश से एक बारात जालौन की ओर आ रही थी। तभी कमसेरा व छिरिया के बीच सड़क पर पड़े गिट्टी के ढेर को बचाने के चक्कर में चालक अपना संतुलन खो बैठे और दोनों बसें सड़क किनारे सीधे खाई में गिर गईं। हादसा होते ही दोनों बसों में बैठे लोगों में चीख पुकार मच गई। इस पर आसपास के गांवों के लोग मौके
पर पहुंच गए और उन्होंने बारातियों को किसी तरह बाहर निकाला। हादसे में जगवंदन (56), दयाशंकर (50), लालसिंह (30), धर्मेंद्र (10), देवेंद्र (18), आलोक (15), माजिद (50), शिफाक (50), धनकुआं (55) सहित एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, वीरेंद्र सिंह, आफताब, चिन्तामणि, जुगलकिशोर, प्रेमप्रकाश, आनंद कुमार, संतोष सिंह, आनंदी, करिश्मा, प्रियंका आदि सहित
लगभग दो दर्जन लोगों को मामूली चोटें आईं। ग्रामीणों ने सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस सड़क पर कई दिनों से गिट्टी के ढेर पर पड़े हैं। इनके कारण कई बार दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो चुके हैं। परंतु अधिकारियों की लापरवाही के चलते इन ढेरों नहीं हटाया जा रहा है। यदि जल्दी ही इन ढेरों को नहीं हटाया गया तो कभी भी कोई जान जा सकती है। गनीमत रही कि दोनों बसों के लोगों की जान बच गई।