आग लगने के बाद बच्चों के साथ मायूस बैठीं देवरानी-जेठानी। अमर उजाला
- फोटो : amar ujala
गांव निवासी फल विक्रेता मुजीद की पत्नी रूबी मंगलवार की दोपहर घर पर खाना बनाने की तैयारी कर रही थी। रूबी के मुताबिक, सिलिंडर लीकेज होगा, इसलिए जैसे ही उसने माचिस जलाई चूल्हे से आग की लपट उठी और चिंगारी से छप्पर जलने लगा। इस पर वह अपने तीनों बच्चों बिलाल (6), इकरा (3) व बउआ को लेकर चीखती हुई बाहर की ओर भागी। कच्चे घर को आग की लपटों से घिरा देख ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को सूचना देकर आग पर पानी डालना शुरू कर दिया, तभी तेज धमाके के साथ सिलिंडर फट गया।
सिलिंडर के टुकड़े पड़ोस में ही रहने वाले मुजीद के भाई शब्बीर के घर पर गिरे तो वहां भी आग लग गई। शब्बीर की पत्नी अनीसा भी अपने छह बच्चों के साथ चीखती चिल्लाती बाहर की ओर भागी। धमाके के कारण पूरे गांव में दहशत फैल गई। शब्बीर के कच्चे घर की दीवारें और छत क्षतिग्रस्त होकर आग की चपेट में आ गए। ग्रामीण दूर खड़े देखते रहे लेकिन विस्फोट के खौफ के कारण किसी ने आग बुझाने की हिम्मत नहीं की। कुछ देर बाद पहुंची दमकल की गाड़ी ने दोनों ही घरों में लगी आग पर काबू पाया।
घटना के वक्त शब्बीर और मुजीद दोनों भाई खेतों पर काम करने गए थे। दोनों के मुताबिक आग से उनके घरों में रखे जेवर-नगदी समेत चार-पांच लाख का सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि महिलाएं और बच्चे सही समय पर बाहर न निकलते तो बड़ा हादसा हो सकता था। एसडीएम सुनील शुक्ला का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में भी है, पीड़ितों की हर संभव मदद का प्रयास किया जाएगा।