गोहन थाना क्षेत्र में लगी आग ने कई किसानों को बर्बाद कर दिया। जलती बीड़ी फेंकने से लगी आग से पांच गांव केे किसानों की ढाई सौ बीघे से अधिक फसल जलकर राख हो गई। उधर, आटा थाना के गांव करमेर में लगी आग से करीब चार बीघा फसल जल गई। सूचना के करीब तीन घंटे बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। आग से करीब छह लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
गोहन थाना क्षेत्र के गांव जमरोही, सिंगटौली, भाऊपुरा, अजीतापुर और उगरापुर के किसानों के खेत लगे हैं। रविवार दोपहर किसी व्यक्ति ने जलती बीड़ी खेत में फेंक दी। इससे फसल में आग लग गई। तेज हवा चलने से देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की चपेट में करीब तीस किसानाें की फसलें आ गईं। तेज हवा में उड़कर चिंगारी दूसरे खेतों में गिर रही थी और आग लग रही थी। आग की सूचना से ग्रामीणाें की भीड़ लग गई। किसान एक जगह आग बुझाने का प्रयास करते तो दूसरी जगह लग जाती।
आग बढ़ती देख ग्रामीणाें ने इसकी सूचना थाना पुलिस और दमकल कर्मियाें को दी। सूचना के करीब तीन घंटे बाद दमकल गाड़ी पहुंची। तब तक सैकड़ों बीघा फसल जल चुकी थी। दमकल कर्मियाें ने काफी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। आग से मैंबर खां की 16 बीघा, मैकू खां की 10 बीघा, मुंशी की आठ बीघा, मुस्तकीम बाबा की चार बीघा, जैनुल प्रधान की 10 बीघा, हबीब उल्ला की तीन बीघा, सुर्रे की तीन बीघा, अकील की दो बीघा, असलम की सात बीघा, पप्पू की तीन बीघा, अब्बू की 20 बीघा, रशीद की 15 बीघा, आमिर की 13 बीघा फसल जलकर राख हो गई।
इसके अलावा कई और किसानों की फसल जली है। बताया जाता है कि करीब ढाई सौ बीघा फसल जली है। सूचना पर थानाध्यक्ष और तहसीलदार गांव पहुंचे और आग से हुए नुकसान का आकलन किया। उधर, आटा थाना के गांव करमेर निवासी कल्लू के खेत में भी आग लग गई। इससे उनकी चार बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इससे अन्य खेताें में खड़ी फसल बच गई।
मकल कर्मियों को सुनाई खरीखोटी
उरई। किसानों के सामने उनकी गाढ़ी कमाई से तैयार फसल जल रही थी, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी नहीं बचा पा रहे थे। दमकल विभाग को सूचना दे दी गई थी, लेकिन फायरकर्मी करीब तीन घंटे बाद पहुंचे। तब तक किसान बर्बाद हो चुके थे। इस पर किसानों में आक्रोश था। कर्मियों को जमकर खरीखोटी भी सुनाई।
आग से सपने हो गए तबाह
उरई। किसानाें ने खून पसीना एक कर गेहूं की फसल तैयार की थी। फसल अच्छी होने से किसानों के कई सपने थे। किसी के घर में शादी थी तो किसी को बच्चों का अच्छे स्कूल में दाखिला कराना था, लेकिन आग ने उनके अरमान पल भर में राख कर दिए। जली फसल के सामने बैठे किसान आंसू बहा रहे थे।