उरई। नगरीय पीएचसी तुफैलपुरवा में एक साल से अधिक समय से बिजली की समस्या है। बीते साल 27 मई को आग लगने से पीएचसी में काफी नुकसान हुआ था। अस्पताल के कई उपकरण फुंक गए थे। गनीमत थी कि उस वक्त कोई मरीज भर्ती नहीं था। तबसे बिजली की समस्या दूर नहीं हुई है। इनवर्टर खराब होने से बिजली गुल होने से अंधेरा छा जाता है। बिजली की केबल खराब होने के कारण आधे अस्पताल में बिजली गुल रहती है। हालांकि अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग में खलबली मची है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द बिजली संबंधी समस्या दूर कर दी जाएगी।
तुफैलपुरवा नगरीय पीएचसी में रोजाना 40 से 60 मरीजों की ओपीडी होती है। वहीं हर महीने चार से दस तक प्रसव भी होते हैं। यहां चिकित्साधिकारी के रूप में डॉ. श्वेता त्रिपाठी की तैनाती है। फार्मासिस्ट प्रदीप हैं। एलटी, स्वीपर, वार्ड ब्वाय का पद खाली है। एएनएम के भी तीन पद खाली है। कंप्यूटर तो तीन लगे है लेकिन इनवर्टर न होने के कारण काम में परेशानी होती है। बिजली के कई उपकरण खराब है। रविवार को यहां रागिनी की डिलेवरी हुई थी। प्रसव कक्ष में भी बिजली जाने से दिक्कत हो जाती है। स्टाफ ने बताया कि आगजनी के बाद कई जगह की केबल खराब हो गई थी। तबसे ठीक नहीं कराई गई है। बिजली जाने पर मोबाइल की रोशनी में मरीजों को देखना पड़ता है। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के दिन भी बिजली गुल होने से मोबाइल की रोशनी में मरीज देखे गए थे।
वर्जन
बिजली मिस्त्री को भेज दिया गया है। देर रात तक बिजली संबंधी समस्याओं को दूर करा दिया जाएगा।
डॉ.एपी वर्मा, नोडल अधिकारी नगरीय स्वास्थ्य