रामपुरा में खराब गेहूं के दाने निकालते अधिकारी
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रामपुरा। बीहड़ क्षेत्र में निनावली रोड पर सरकारी गेहूं खरीद केंद्र में गेंहू की खरीद रुक सी गई है। एफसीआई द्वारा मानक के अनुरुप गेहूं न होने की बात कहकर गेहूं वापस किया जा रहा है। इसकी वजह से खरीद केंद्र प्रभारी भी गेहूं की क्वालिटी को लेकर तमाम ना-नकुर कर रहे है। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि गेहूं की क्वालिटी मौसम की मार के कारण गिरी है। गेहूं बेमौसम बारिश, तेज धूप के कारण पतला हो गया है। इसमें उनकी क्या गलती है। सरकार को किसानों की हित के बारे में सोचकर निर्णय लेना चाहिए।
गेहूं खरीद केंद्र प्रभारी आनंद कुमार गुप्ता ने बताया कि खरीद केंद्र पर अब तक 2300 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी हैं लेकिन खरीदे गए गेहूं को एफसीआई ने मानक अनुरूप न बताकर रिजेक्ट कर वापस भेज रही है। अब तक एफसीआई से करीब साठ क्विंटल गेहूं वापस भेजा जा चुका है। इसका सीधा असर गेहूं खरीद केंद्र पर पड़ रहा हैं। एफसीआई के वापस भेजे गए गेहूं को नीलामी के माध्यम से निस्तारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह समस्या समितियों को भी झेलनी पड़ सकती हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की नियमावली के अनुसार किसान के गेहूं के खरीद होने के एक हफ्ते के बाद गेहूं का भुगतान किसान के खाते में पहुंच जाता हैं।
गेहूं की फसल पर मौसम का असर
पचोखरा निवासी किसान शिवमोहन ने बताया कि इस वर्ष गेहूं की फसल पकने के बाद बरसात होने के कारण गेहूं पतला व काला पड़ गया हैं। इसमें किसान का दोष कहां से हुआ। गेहूं की खरीद रोकना अपने आप मे चिंता का विषय है।
केंद्र प्रभारी निकाल रहे कमियां
रामपुरा निवासी किसान महेश ने कहा कि उनकी 24 बीघा की गेहूं की फसल खरीद केंद्र पर आ चुकी है लेकिन केंद्र प्रभारी गेहूं में कई तरह की कमियां निकाल रहे है। ऐसी हालत में हम किसान क्या करें।
कोरोना की मार झेल रहा किसान क्या करें
किसान ब्रह्माबाबू ने कहा कि इस वर्ष वैसे भी किसान कोरोना की मार झेल रहा हैं। अब अगर गेहूं खरीद केंद्र पर इस प्रकार के नियम बताए जाएंगे तो गेहूं खरीद से मना किया जाएगा तो किसान का जीवनयापन कैसे होगा।