इलाहाबाद बैंक मंडी शाखा में नारेबाजी करते गल्ला व्यापारी
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इलाहाबाद बैंक की मंडी शाखा बैंक में एक सप्ताह से भुगतान संकट है। हालत यह है कि गल्ला व्यापारियों के एक करोड़ से अधिक के भुगतान यहां अटके हैं। इससे व्यापारी किसानों का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। बुधवार की शाम फिर से व्यापारी भुगतान के लिए बैंक पहुंचे। रोज की तरह उनसे फिर से बैंक में रुपये न होेने की बात कही गई। इससे व्यापारी भड़क उठे
और उन्होंने बैंक परिसर में ही हंगामा श्ुारू कर दिया। हंगामे की सूचना पर एलडीएम पहुंच गए और उन्होंने जल्द भुगतान कराने का आश्वासन देकर व्यापारियों को शंात कराया।
इन दिनों गेहूं की फसल कट चुकी है। नकद भुगतान के चक्कर में किसान लेबी से कम दामों पर व्यापारियों के यहां गेहूं बेच रहे हैं। ऐसे में गल्ला व्यापारियों को भी रुपयों की जरूरत पड़
रही है। पर इलाहाबाद बैंक की मंडी शाखा में एक सप्ताह से कैश नहीं है। कई दिनों पूर्व व्यापारियों द्वारा बैंक में भुगतान के लिए लगाई गई चेक ों से अभी तक रुपया नहीं मिला है। किसानों को भुगतान करने के लिए व्यापारी रोज बैंक के चक्कर काट रहे हैं। बुधवार को फिर से एक दर्जन व्यापारी मंडी शाखा में पहुंचे और भुगतान मांगा। इस पर बैंक मैनेजर संतोष
शाक्यवार द्वारा बैंक में रुपया न होने की बात कही गई। इससे व्यापारी भड़क गए और उन्होंने बैंक में हंगामा श्ुारू कर दिया है। हंगामे की सूचना पाकर लीड बैंक अधिकारी (एलडीएम) सिद्धार्थ पाल भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने जल्द भुगतान होने का आश्वासन देकर व्यापारियों को शांत कराया। इस दौरान व्यापारी नेता पम्मी सेठ ने बताया कि एक सप्ताह से
व्यापारियों के भुगतान नहंी हो रहे हैं। एक करोड़ से अधिक का भुगतान व्यापारियों का अटका हुआ है। इसके चलते व्यापारियेां को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान गल्ला व्यापारी प्रदीप महेश्वरी, अंजनी गुप्ता, कमलेश पिपरायां, प्रमोद गुप्ता आदि मौजूद रहे।