पहाड़गांव। गांव में करीब दो सप्ताह से नलकूप नंबर-2 का ट्रांसफार्मर खराब है, जिससे पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। जैसे-तैसे ट्रांसफार्मर आया, लेकिन जलभराव के चलते वह लग नहीं पाया।
नलकूप का ट्रांसफार्मर खराब होने की ग्रामीणों ने बिजली और जल निगम की लापरवाही के खिलाफ कई बार शिकायत की, लेकिन किसी ने कार्रवाई नहीं की। जैसे ही अमर उजाला ने इस समस्या को प्रकाशित किया, बिजली विभाग हरकत में आया और शुक्रवार को नया ट्रांसफार्मर गांव भेजा गया, लेकिन समस्या यहीं खत्म नहीं हुई। नलकूप के आसपास जलभराव और रास्ते की अनुपलब्धता के कारण ट्रांसफार्मर की गाड़ी कई घंटे खेतों में खड़ी रही। अस्थायी मार्ग को ग्रामीणों ने पहले ही तोड़ दिया था। डामर सड़क से नलकूप तक का लगभग 700 मीटर का रास्ता पूरी तरह जलमग्न होने के कारण ट्रांसफार्मर को नलकूप तक नहीं पहुंचाया जा सका और अंतत उसे वापस पिंडारी लौटाना पड़ा।
बिजली विभाग के जेई संतोष ने बताया कि ट्रांसफार्मर भेजा गया था, लेकिन खेतों में जलभराव और रास्ते की कमी के कारण उसे वापस बुलाना पड़ा। वहीं, जल संस्थान के जेई आलोक ने कहा कि यह मामला जल निगम से जुड़ा है, इसलिए वे इस पर कुछ नहीं कर सकते।
गौरतलब है कि पहाड़गांव में दो सरकारी नलकूप हैं। नलकूप नंबर-1 से पूरे गांव की पानी की जरूरत पूरी नहीं हो पाती, जबकि नलकूप नंबर-2 पूरे गांव की पेयजल आपूर्ति करता है। इसका ट्रांसफार्मर दो हफ्ते पहले फुंक गया, जिससे गांव में पानी का संकट और गहरा गया। ग्रामीण उपभोक्ताओं देवेंद्र तिवारी, पूर्व प्रधान घनश्याम भगत, रमाकांत गुप्ता, शिवम गुप्ता, डॉ. विजय सिंह, परशुराम और राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि ट्रांसफार्मर तो आया, लेकिन पानी की समस्या का समाधान नहीं हो सका।