एसबीआई बैक के बाहर नारेबाजी करते कर्मचारी
- फोटो : ORAI
उरई। यूनाइटेड फोरम बैंक कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। जिले की करीब पचास बैंकों की 143 शाखाओं में तालाबंदी रही। कर्मचारियों ने नारेबाजी कर कहा कि सरकार ने हठधर्मिता नहीं छोड़ी तो बैंककर्मी भी पीछे नहीं हटेंगे। आंदोलनकारियों ने दावा किया कि करीब 80 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। आंदोलन को जिले के किसान, मजदूर, शैक्षिक संगठनों ने भी समर्थन दिया। कर्मचारियों ने आंदोलन को सफल बताया।
यूनियन के जिला सचिव अमित राजपूत ने कहा कि जिस तरह निजीकरण किया जा रहा है, वह न तो बैंकों के लिए अच्छा है और न ही ग्राहकों के लिए। उन्होंने कहा कि मनमाने तरीके से ऋणमाफी योजना लागू कर दी जाती है। इसे तत्काल प्रभाव से रोका जाए और बैंकों को ऋण वसूलने की अनुमति दी जाए। इस दौरान निशांत गुप्ता, हरिहर सक्सेना, बलवान सिंह, सुनील यादव, माधव चौहान, पवन, सुरेश द्विवेदी, प्रदीप गुप्ता,सौरभ गुप्ता, सुंदरलाल वर्मा, प्रेम कुमार गौतम, राघवेंद्र सिंह, आशीष तिवारी, शोभित गुप्ता, रोहित सिंघल आदि रहे।
उधर, किसान संघर्ष मोर्चा के भूपसिंह यादव, प्रदीप दीक्षित, जीवन वाल्मीकि, कुलदीप चतुर्वेदी, चंद्रपाल सिंह आदि ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। बैंक कर्मियों की हड़ताल के चलते लोगों का खासी परेशानी हुई। एटीएम भी खाली हो जाने के कारण न तो बैंकों से पैसा निकाल सके और न ही एटीएम से पैसा मिला। इसके चलते लोग पैसों के लिए भटकते नजर आए। लगातार चार दिनों से बैंक बंदी के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ी रही।