उरई। आगामी बजट में रेल सुविधाओं को लेकर यात्रियों व यूनियन नेताओं को बहुत उम्मीदें हैं। सभी चाहते हैं कि यहां से दिल्ली के लिए सीधे ट्रेन चलाई जाए और दोहरीकरण का काम भी तेजी से पूरा कराया जाए। उरई स्टेशन को ए श्रेणी का दर्जा मिला है तो यहां ए श्रेणी के अनुरूप सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएं। यात्रियों का कहना है कि सबसे ज्यादा आवश्यकता दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन और रिवर्स इंटरसिटी की है। इसके अलावा रिजर्वेशन काउंटर की संख्या बढ़ाने, पूछताछ कार्यालय में नियमित कर्मचारी की तैनाती, एनाउंसमेंट सिस्टम और कोच इंडीकेटर की व्यवस्था भी सुचारु रुप से चलाया जाए। इसके अलावा ट्रेनों में दिव्यांग, महिला और वरिष्ठ नागरिक के लिए आरक्षित कोच के अलावा जनरल कोच भी बढ़ाए जाने की जरूरत है। दिव्यांगों के लिए रैंप की सुविधा भी मिलनी चाहिेए।
जिले से दिल्ली के लिए हो ट्रेन
जितेंद्र कुमार कहते हैं कि अगर दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन की व्यवस्था हो जाए तो झांसी-कानपुर जाने के झंझट से मुक्ति मिल सकती है। विकल्प के तौर पर बरौनी मेल को दिल्ली तक बढ़ाया जा सकता है। या फिर बरौनी मेल को झांसी-कानपुर के बाद कनेक्टिंग ट्रेन का रूप भी दिया जा सकता है।
ए-श्रेणी स्टेशन पर बढ़ें सुविधाएं
हेमा सिंह का कहना है कि ए-श्रेणी का दर्जा प्राप्त स्टेशन पर अभी भी कई समस्याएं हैं। इकलौता रिजर्वेशन काउंटर होने के कारण लाइन लगी रहती है। पूछताछ केंद्र की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। न तो विधिवत उद्घोषणा होती है और न ही कोच पोजीशन प्रदर्शित होती है। इस व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत है।
दोहरीकरण के लिए बजट जारी हो
मुन्ना अतरौलिया बोले कि दोहरीकरण का काम 2020 तक पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन जिस तरह से काम चल रहा है, उससे अभी दो तीन साल काम पूरा होने की उम्मीद नहीं है। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी बढ़ रही है। दोहरीकरण के लिए बजट जारी किया जाए ताकि काम तेजी पकड़ सके।
कोंच एट शटल का हो विस्तार
कमलेश कहते हैं कि उरई स्टेशन पर यार्ड बन रहा है और एट में बन चुका है। ऐसे में कोंच एट शटल ट्रेन को अगर उरई तक बढ़ा दिया जाए तो जिले के बाशिंदों को सुविधा मिलेगी। यही नहीं इसे गोविंदपुरी तक भी चलाया जा सकता है। इसके लिए समयसारिणी में सिर्फ परिवर्तन की जरूरत है।
कर्मचारी विरोधी घोषणा न हो
एनसीआरईएस के शाखा सचिव केएस शुक्ला का कहना है कि फिलहाल उन्हें कर्मचारियों के हित में इस बजट से ज्यादा उम्मीदें नहीं है, वे सिर्फ इतना चाहते है कि जो कर्मचारियों को मिल रहा है, उसमें कटौती न की जाए। बजट में कोई ऐसी घोषणा न की जाए इससे कर्मचारियों को परेशानी हो।
पुरानी पेंशन बहाली की जाए
एनसीआरएमयू के शाखा सचिव केके त्रिपाठी का कहना है कि निजीकरण की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। पुरानी पेंशन बहाली और वीआरएस की सुविधा की घोषणा इस बजट में की जाए ताकि कर्मचारियों का भला हो सके। ट्रेनों में जनरल कोच बढ़ाए जाएं।
कमलेश कुमार- फोटो : ORAI
के एस शुक्ला- फोटो : ORAI
हेमा सिंह- फोटो : ORAI
मुन्ना अतरौलिया- फोटो : ORAI
जितेंद्र कुमार- फोटो : ORAI