उरई। सीएमओ कार्यालय सभागार में बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान एवं विद्यालय जागरूकता कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए ब्लाक स्तरीय आरबीएसके टीम के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। सीएमओ डॉ. डीके भिटौरिया ने कहा कि तंबाकू सेवन करने से व्यक्ति के शरीर में होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए।
उन्होंने बताया कि धूम्रपान से व्यक्ति के शरीर के साथ-साथ आसपास के लोगों में भी धूम्रपान से श्वास संबंधी बीमारी फैलती है। व्यक्ति को स्वयं व आसपास के लोगों को धूम्रपान करने से रोकना चाहिए। जनपद सलाहकार तृप्ति यादव ने बताया कि जनपद के 200 विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए हैं। कई विद्यालयों में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं कराने के साथ जागरूकता सामग्री भी लगाकर गई है। उन्होंने टीमों को अपने ब्लॉक में संचालित विद्यालयों को तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान घोषित करने का प्रमाणपत्र जारी कराने को कहा।
नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. अरविंद भूषण ने प्रशिक्षण में बताया गया कि बच्चों में धूम्रपान का अत्यधिक सेवन का चलन बढ़ गया है। तंबाकू सेवन से मुंह का कैंसर होने की आशंका रहती है। जिस भी बच्चे के परिवार का कोई सदस्य तंबाकू व धूम्रपान सेवन छोड़ना चाहता हो वह जिला चिकित्सालय उरई के कमरा नंबर-14 में तंबाकू उन्मूलन केंद्र में काउंसलर से परामर्श ले सकता है।
प्रशिक्षण में डॉ. दिलीप वर्मा, डॉ. आराधना सेंगर, डॉ. अजय शर्मा, डॉ. रेनू पांडेय, डॉ. दीपक सेंगर, डॉ. पुष्पांजलि, डॉ. देववर्धन दौदेरिया, डीईआईसी मैनेजर रविंद्र सिंह चौधरी, काउंसलर महेश कुमार आदि रहे।