उरई। छात्रा से छेड़खानी और अभद्र व्यवहार करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने दोषी अमित राजपूत को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। उस पर एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी सेवानिवृत्त फौजी ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि 20 नवंबर 2019 की शाम करीब 6:15 बजे उनकी पुत्री कोचिंग से पढ़कर घर लौट रही थी। जब वह एक गली में पहुंची तो एक युवक ने शराब के नशे में उसके साथ अभद्रता करते हुए उसका दुपट्टा खींच लिया और मुंह पर हाथ रख दिया था।
छात्रा के शोर मचाने पर मोहल्ले के दो युवक मौके पर पहुंचे और युवक का पीछा किया था। कुछ दूरी पर उसे पकड़ भी लिया गया। वहीं मौजूद एक स्थानीय निवासी ने उसकी पहचान थाना आटा क्षेत्र के ग्राम करमेर निवासी अमित राजपूत के रूप में की। हालांकि मौका पाकर युवक वहां से फरार हो गया।
पिता की तहरीर के आधार पर शहर कोतवाली पुलिस ने छेड़खानी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने युवक के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
शनिवार को मामले की सुनवाई पूरी होने पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलों, गवाहों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। आरोप सिद्ध पाए जाने पर न्यायालय ने अमित राजपूत को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।