उरई (जालौन)। करीब पौने तीन साल पहले कुठौंद थाना क्षेत्र के एक गांव में घर में सो रही छह साल की बच्ची को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म करने वाले तीन दोषियों को शुक्रवार को अपर जिला जज पॉक्सो एक्ट गुलाम मुस्तफा ने 30-30 साल की सजा और 46-46 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। पुलिस ने तीनों को कोर्ट से जेल भेज दिया।
कुठौंद क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने थाने में दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 मई 2017 की रात उसकी छह साल की बेटी को सोते समय घर से दिनेश पुत्र संतोष, वीरेंद्र पुत्र छोटेलाल और सुशील पुत्र कैलाश उठा ले गए और सभी ने दुष्कर्म किया। तीनों बच्ची को मरा समझकर भाग निकले थे। शासकीय अधिवक्ता ब्रजराज सिंह राजपूत ने बताया कि दूसरे दिन बच्ची घर पहुंची और परिजनों को अपने साथ की गई हैवानियत बताई तो परिजनों के होश उड़ गए।
सिंह के मुताबिक, बच्ची के पिता से तीनों रंजिश रखते थे। दोषियों ने गला दबाकर बच्ची को मारने का प्रयास भी किया था। शासकीय अधिवक्ता के अनुसार, पुलिस ने बच्ची का मेडिकल कराया और तीनों की धरपकड़ शुरू की। कुछ दिन बाद पुलिस ने सभी को पकड़कर जेल भेज दिया था, तब से सभी जेल में थे। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि तीनों को दोषी मानते हुए अपर जिला जज पॉक्सो एक्ट की कोर्ट ने सजा सुनाई।