उरई। चेक बाउंस होने के मामले में दोषी को तीन माह की सजा और पीड़ित को क्षतिपूर्ति देने के आदेश न्यायाधीश ने दिया है।
रेढ़र थाना क्षेत्र के कुठौंद निवासी राजेंद्र कुमार द्विवेदी ने पुलिस को बताया था कि सिकरी निवासी पवन कुमार द्विवेदी को उसने 25 अक्तूबर 2012 को मटर फली की बिक्री की थी। इसके एवज में उसे भारतीय स्टेट बैंक शाखा जालौन की दो लाख रुपये का चेक दिया था। इसके बाद 28 जनवरी 2013 को खाते में रुपये न होने पर चेक बाउंस हो गया। पवन कुमार के कहने पर उसने दोबारा इलाहाबाद बैंक शाखा बंगरा में 4 फरवरी 2013 को चेक लगाया तो वहां से भी वापस हो गया।
बार-बार रुपये न देने पर राजेंद्र कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसका ट्रायल न्यायिक मजिस्ट्रेट कालपी में चल रहा था। 12 साल तक चली मुकदमा की सुनवाई बुधवार को पूरी हो गई। साक्ष्यों के आधार पर सिविल जज जूनियर डिवीजन अभिषेक चौधरी ने पीड़ित को 3 लाख 50 हजार रुपये बतौर क्षति के रूप में देने का आदेश दिया और दोषी पवन कुमार द्विवेदी को तीन माह के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये राजकोष में जमा कराने के आदेश दिया। (संवाद)