आग लगने से मकान में उठता धुआं।
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महेवा विकास खंड के ग्राम बैरई में तीन सगे भाइयों के तीन मकान में आग लग गई। इससे वहां पर अफरा तफरी मच गई। किसी तरह परिजनों ने से घर से बाहर निकलकर जान बचाई। आग की सूचना दमकल कर्मियों को दी गई, लेकिन सूचना के करीब एक घंटे बाद दमकल पहुंची। ग्रामीण जब तक आग बुझा पाते, तब तक मकानों में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। दमकल के देरी से पहुंचने पर लोगों में आक्रोश दिखा।
शुक्रवार की सुबह नौ बजे बैरई गांव निवासी इंद्रपाल के घर में अचानक आग लग गई। जब तक परिजन कुछ समझ पाते, आग बगल में स्थित उसके सगे भाई सुरेंद्र सिंह और शिवराम सिंह के घर में भी आग फैल गई। आग की लपटे उठती देख चीख पुकार मच गई। लोग मकानों से बाहर की ओर भागे। आग से 50 क्विंटल भूसा, मटर, दो पंपिंग सेट मशीनें केे अलावा गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया।
सूचना पाकर डायल 100 नंबर की गाड़ी पहुंच गई, लेकिन जब तक फायर कर्मी पहुंचते, तब तक सब कुछ स्वाहा हो चुका था। इससेे पीड़ितों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने ग्रामीणों संग नारेबाजी शुरू कर दी। ग्राम वासियों ने कालपी-मदारीपुर रोड को जाम कर दिया और नारेबाजी करने लगे। ग्रामीणों की मांग थी कि डीएम मौके पर पहुंचे। इधर, सूचना पाकर कालपी विधायक नरेंद्र पाल सिंह जादौन मौके पर पहुंचे ग्रामीणों को समझाया।
मदद का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीण माने और जाम खोला, तब कहीं जाकर यातायात शुरू हो सका। ग्रामीणों ने सर्वे केे लिए लेखपाल केे न पहुंचने पर भी नाराजगी जताई। ग्रामीण रामबाबू, सीताराम का कहना है कि फायर स्टेशन में सुविधाएं बढ़ाई जाएं, ताकि समय पर दमकल पहुंच सके।