उरई। अंतरजातीय विवाह करने पर शासन से ढाई लाख का अनुदान किया जाता है। इसमें वर-कन्या में एक का अनुसूचित जाति से होना अनिवार्य है। दंपति को डा. भीमराव अंबेडकर फांउडेशन की ओर से ढाई लाख रुपये दिए जाते हैं।
समाज कल्याण अधिकारी लालजी यादव ने बताया अंतरजातीय विवाह योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया शुरू है। विवाह के बाद भी दंपति आवेदन कर सकता है। आवेदन की ब्लाक स्तर पर जांच कराई जाती है, सही पाए जाने पर अनुदान की राशि लाभार्थी के खाते में भेज दी जाती है।
समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में जिले में छह अंतरजातीय विवाह हुए थे। इसमें तीन को अनुदान दिया जा चुका है, तीन की धनराशि जल्द ही उनके खातों में भेज दी जाएगी। वित्तीय 2020-21 वर्ष में 13 आवेदन किए गए हैं।
इन्हें जांच के लिए ब्लॉक और तहसील कार्यालय भेजा गया है। जांच के बाद स्वीकृति के लिए शासन को भेजे जाएंगे। एक लाख की एफडी पति-पत्नी के संयुक्त नाम से और डेढ़ लाख रुपये दंपति के खाते में जमा किए जाते हैं।