उरई। मैट्रिमोनियल साइटों पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर शादी का झांसा देने और इलाज के नाम पर रुपये ऐंठने वाले संगठित गिरोह का साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक फरार है। जांच में कई राज्यों में ठगी की शिकायतें सामने आई हैं।
पुलिस के मुताबिक, अब तक 8.04 लाख रुपये से अधिक की ठगी का पता चला है। वहीं, झांसी और मध्य प्रदेश के दतिया में 66 लाख रुपये की ठगी से जुड़ा मामला भी सामने आया है।
पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि गिरफ्तार शातिरों में झांसी जिले के कोछाभांवर निवासी उमाकांत पटेल, उसरगांव निवासी रविकांत यादव और शहर के उमरारखेरा निवासी कौशल किशोर उर्फ विक्की चौरसिया शामिल हैं। वहीं उसरगांव निवासी मंगल सिंह फरार है।
एसपी ने बताया कि शातिर शादी डॉट कॉम और जीवनसाथी डॉट कॉम जैसी साइटों पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवतियों से संपर्क करते थे। कुछ दिन बातचीत कर विश्वास जीतने के बाद माता-पिता या परिजनों के दुर्घटनाग्रस्त होने अथवा गंभीर बीमारी का बहाना बनाते थे। इसके लिए डॉक्टरों के फर्जी पर्चे दिखाकर इलाज के नाम पर क्यूआर कोड के माध्यम से रुपये मंगवाते थे। रकम मिलने के बाद संबंधित नंबर ब्लॉक कर देते थे।
पुलिस जांच में शातिरों के मोबाइल नंबरों से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दूसरे जिलों और राज्यों की पांच शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है।
पुलिस ने शातिरों के कब्जे से छह मोबाइल, 13 सिम कार्ड, सात एटीएम कार्ड, दो रबर की मोहरें, स्टांप पैड, आठ खाली डॉक्टर पर्चे, दो लिखे हुए पर्चे, दो आधार कार्ड, एक बैग और स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है।