तीन दिन पहले कदौरा थाना क्षेत्र के गांव मबई अहीर के मजरा मोहारी के जंगल
में नाले के पास बड़ी संख्या में गायों को काटे जाने के मामले में पुलिस ने
तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। वहीं, इस मामले में 13
आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
एसपी
एन कोलांचि ने स्थानीय पुलिस लाइन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में
बताया कि बीती 22 जनवरी को कदौरा थाना क्षेत्र के मबई अहीर के मजरा मोहारी
के जंगल में कंजड़ नाला के पास सौ से अधिक गायों की हत्या कर उनके अवशेष
वहीं पर फेंक दिए गए थे। जानकारी होने पर पुलिस ने कदौरा थाने में अज्ञात
आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट
दर्ज कराई थी। मामले के खुलासे के लिए चार टीमों
को लगाया गया था। क्षेत्राधिकारी कालपी महेंद्र कुमार के नेतृत्व में
कदौरा, कालपी थाना की पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 16 आरोपियों को चिह्नित
किया था। इनमें पुलिस ने बबीना बस
स्टैंड के पास आरोपी राशिद खां, सगीर खां
व वसीम निवासी गांव गुलौली कोतवाली कालपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस
मामले में अभी 13 आरोपी फरार हैं। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पहले भी गोवध
अधिनियम के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं।
मुख्य आरोपी अब भी पकड़ से दूर
विभागीय
सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले में अब भी मास्टर माइंड पुलिस पकड़ से
दूर हैं। सूत्रों के अनुसार राजनीतिक संरक्षण और रसूख के बल पर ये खुलेआम
घूम रहे हैं। पुलिस दबाव के चलते इन पर हाथ डालने से कतरा रही है। हालांकि
प्रेस वार्ता के दौरान एन कोलांचि ने कहा कि इस प्रकरण में किसी को भी
बख्शा नहीं जाएगा। चाहे उसे कितना भी राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हो, दोषी को
जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।
मुख्यमंत्री दौरे के समय गरमा सकता है मामला
27
तारीख को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कदौरा कालपी दौरे के दौरान यह मामला
गर्मा सकता है। जिले के भाजपा पदाधिकारी, बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद के
कार्यकर्ता पहले ही मुख्यमंत्री के सामने विरोध प्रदर्शन करने का मन बना
चुके हैं।