आटा। गांव के कुशवाह मोहल्ले के 30 परिवार पिछले 10 दिनों से बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। 10 दिन पहले 25 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंक गया था, उसको बदलने में विभाग को करीब तीन दिन लगे। ट्रांसफार्मर बदला और तीन दिन भी नहीं चला, फिर से ट्रांसफार्मर फुंक गया। चार दिनों से विभाग की लापरवाही से ग्रामीण अंधेरे में रातें गुजार रहे हैं। 30 परिवार की महिलाएं बच्चे आटा बिजली घर में पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए, बिजली घर के दरवाजे में ताला डाल दिया, ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की।
आटा गांव के कुशवाहा मोहल्ले में रखा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर दस दिनों में दो बार फुंक चुका है। 27 अप्रैल को फुंके ट्रांसफार्मर को बिजली विभाग के अधिकारियों ने तीन दिन बाद बदलवाया। जब ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया तो जिम्मेदारों ने ट्रांसफार्मर को बदल दिया। ग्रामीणों को कुछ राहत मिली ही थी, कि दूसरा ट्रांसफार्मर तीन रात भी सही ढंग से बिजली नहीं दे सका और फुंक गया। पिछले चार दिनों से कुशवाहा मोहल्ले के तीस परिवार के बच्चे महिलाएं, बुजुर्ग भीषण गर्मी में दिन-रात गुजार रहे हैं।
ग्रामीणों का सब्र आखिर जवाब दे गया, कुशवाहा मोहल्ले के एक दर्जन महिलाएं और युवक बुधवार को बिजली घर पहुंचे। प्रदर्शन करते हुए बिजली घर में मौजूद कर्मचारी को बाहर निकालकर मेन गेट पर ताला डालकर, वहीं पर बैठकर ट्रांसफार्मर बदलने की मांग पर अड़ गए। बिजली घर पर ड्यूटी पर मौजूद एसएसओ संतोष चौहान ने ग्रामीणों की समस्या को सुनते हुए विभागीय अधिकारी को फोन कर जानकारी दी।
बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता जितेंद्र नाथ ने बताया कि 10 दिन में दूसरी बार ट्रांसफार्मर फुंक रहा है। इसकी जांच करवाई जा रही है जो दोषी होगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बताया कि इस ट्रांसफार्मर पर लोड भी नहीं था, उसके बाद भी वह फुंक गया है, जो जांच का विषय है।
घटना के बाद भी कॉल नहीं उठाते एसडीओ
क्षेत्र में आग लगने की घटना हो या ट्रांसफार्मर फुंकने की एसडीओ को कॉल उठाने का समय नहीं मिलता है। पिछले दिनों एट क्षेत्र में आग लग गई थी, जब एसडीओ को कॉल की गई तो उन्होंने कॉल नहीं उठाया, तब ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता को जानकारी दी। वहीं आटा में जब हंगामा हुआ और मामला बढ़ गया तब कॉल लगाई गई तो उन्होंने ने कॉल नहीं उठाई। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष है। बड़े अधिकारी कॉल उठा रहे हैं और छोटे अधिकारी समस्या का समाधान तक नहीं करवा पा रहे हैं।