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एक साल बाद भी शुरू नहीं हो पाई तीसरी आंख से निगरानी

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रेलवे स्टेशन पर सी सीसीटीवी कंट्रोल रूम में पड़ा ताला - फोटो : ORAI
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उरई। उरई रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे लगाने वाली कंपनी कैमरे लगाकर चली गई। साल भर बीत चुका है लेकिन अब तक न तो कंट्रोल रूम शुरू हुआ और न ही कैमरे चालू हो पाए हैं। रेलवे अफसरों से पूछो तो एकाध हफ्ते में कैमरे चालू हो जाएंगे, कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
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ए श्रेणी के उरई स्टेशन पर 60 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने थे। इसे लगाने का काम मुंबई की टेक्नोरेट कंपनी को दिया गया था। कैमरे लगाने का काम सितंबर 2019 से शुरू हुआ। इसके बाद कंपनी ने 40 कैमरे लगाए और रेलवे की रेलटेल कंपनी को बाकी व्यवस्थाएं करने को कहा।
हालांकि टेक्नोरेट कंपनी ने जो 40 कैमरे लगाए हैं, उनमें दो की वायरिंग तक नहीं की। अब कंपनी को सीसीटीवी कैमरे हैंडओवर करने की जल्दी है लेकिन स्थानीय रेल अधिकारी इसके लिए राजी नहीं हैं। उनका कहना है कि पहले कंट्रोल रूम आदि में काम करने वाले कर्मचारियों को दक्ष किया जाए।
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आरपीएफ के प्रभारी इंस्पेक्टर रामअवतार का कहना है कि जहां कंट्रोल रूम बनाया गया है, पहले वह महिला आरक्षियों के लिए चेजिंग रूम था। जगह छोटी है। इसकी वजह से वहां स्टाफ को बैठने आदि में समस्या होगी। इसके लिए अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
डिप्टी एसएस रूम और सिग्नल रिले रूम में लगेंगे कैमरे रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, रेलवे बोर्ड की नई गाइडलाइन में परिचालक और सिग्नल विभाग के कंट्रोल रूम में भी सीसी कैमरे लगाकर निगरानी की जानी है। इसके तहत डिप्टी एसएस रुम और सिग्नल रिले रूम भी कैमरे से लैस होंगे लेकिन अभी कंपनी ने इन आफिसों में कैमरे नहीं लगाए हैं।
आरपीएफ ने हैंडओवर से किया इनकार
रेलटेल के साइट मैनेजर मोहित त्रिवेदी जब सीसी कैमरे रेलवे को हैंडओवर करने आए तो आरपीएफ ने इनकार कर दिया। कहाकि जो कंट्रोल रूम बनाया गया है, वह आरामदायक नहीं है। बैट्री, एग्जास्ट जैसी समस्याएं हैं। गर्मी के दिनों में वहां कोई बैठ नहीं पाएगा। पहले इसका इंतजाम किया जाए।
टेलीकाम विभाग के सीनियर सेक्शन इंजीनियर आरके अग्रवाल का कहना है कि स्टेशन पर साठ कैमरे लगाने का सर्वे हुआ था लेकिन कंपनी ने 40 कैमरे ही लगाए है। वह भी आधे अधूरे है। इसके बारे अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। इसके लिए टेक्नोरेट कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
रेलटेल के सीनियर इंजीनियर अरुण त्रिपाठी का कहना है कि उरई रेलवे स्टेशन पर लगभग तीस लाख की लागत से सीसी कैमरे लगाए गए हैं। कंट्रोल रूम के सवाल पर उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ने शिकोहाबाद, बांदा, इटावा, फफूंद स्टेशनों पर भी कैमरे लगाए हैं लेकिन वहां खुद कंट्रोल रूम बनाया है। जबकि उरई में जगह न मिलने पर आरपीएफ थाने में ही कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसकी वजह से समस्या हो रही है।
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