विधिक साक्षरता समिति के तत्वावधान में लोगों को कानून के प्रति जागरूक करने के लिए शनिवार को नगर पालिका सभागार में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता करते हुए सिविल जज (जूनियर डिवीजन) राजीव कुमार सिंह ने कहा कि हमारी सोच और आचरण ही कानून हैं।
उन्होंने आज विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कहा कि मानसिक रूप से अशक्त व्यक्ति के साथ दया की नहीं बल्कि उसके साथ किए जाने वाले अपने कर्तव्य पर ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि कानून की बारीकी बताते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति यदि अपराध यह जाने बिना करता है कि इसके परिणाम क्या होंगे, उसे उक्त अपराध के लिए निर्धारित कानून की धारा में राहत मिलेगी, क्योंकि वह मानसिक रूप से विकृत है।
उन्होंने यह भी बताया कि अपराध करते वक्त मानसिक बीमार होने और ट्रायल के समय मानसिक रूप से बीमार होने में अपराध का निर्धारण भिन्न तरीके से होगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में दंड प्रशासन ने अपराधी को सुधरने के लिए मौका दिए जाने की अवधारणा की ओर बढ़ना शुरू किया है और निश्चित रूप से इसके अच्छे परिणाम होंगे।
तहसीलदार जितेंद्रपाल ने राजस्व संबंधी जानकारियां दीं। पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि विज्ञान विशारद सीरौठिया ने कहा कि गरीबों को न्याय सुलभ कराने के लिए जो अधिवक्ता नियुक्त किए गए हैं, उनके नाम कोर्ट परिसर में बोर्ड पर लिखे जाएं। शिविर में पूर्व बार संघ अध्यक्ष ओमशंकर अग्रवाल समेत कई लोगों ने विचार व्यक्त किए।