उरई। जिला अस्पताल की आयुष विंग में दवाओं की किल्लत है। हालत यह है कि आने वाले मरीजों को एक दूसरी दवाओं का कॉम्बिनेशन देकर किसी तरह काम चलाया जा रहा है। मरीजों का कहना है कि आयुष की दवाएं देर से काम करती हैं पर आराम मिलता है।
बता दें कि जिला अस्पताल में आयुष विंग में आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति से इलाज होता है। यहां रोजाना 250 से 300 मरीज आते हैं। करीब छह माह से यहां दवाओं की समस्या है। डॉ. हाशिम अंसारी यूनानी पद्धति से इलाज करते हैं तो डॉ. श्रवण कुमार आयुर्वेद पद्धति से मरीजों को ठीक करते है। जबकि होम्योपैथिक पद्धति के डॉ. पंकज चिकित्सक है। यहां आयुर्वेदिक व यूनानी दवाओं की समस्या है।
इलाज कराने आईं उमरारखेरा की मनीषा (35) ने बताया कि हड्डी में दर्द के साथ कमजोरी महसूस होती है। खांसी भी आ रही है। हालांकि उन्हें कफ सीरप नहीं मिला। इसी तरह मोहल्ला बघौरा की नीलम (39) ने बताया कि उनका एक्सीडेंट हो गया था, स्पाइन में दिक्कत है। 19 दिसंबर को आई थीं। लेकिन, पूरी दवा न मिलने पर आज दोबारा आई हैं।
डॉ. हाशिम अंसारी और डॉ. श्रवण कुमार का कहना है कि दवाओं की समस्या है पर किसी तरह कॉम्बिनेशन से काम चलाया जा रहा है। बात और दर्द के लिए युगराज गुग्गल दवा दी जाती है लेकिन वह नहीं है।
इस पर दर्द, बुखार की दवाओं का कॉम्बिनेशन बनाकर दिया जा रहा है। खांसी का भी कफ सीरप नहीं है। त्रिफला, भस्म, लेडीज केयर सीरप, कल्याण लीवर सीरप, आंवला सीरप जैसी दवाएं भी नहीं है। डिमांड लगा दी गई है। जल्द सप्लाई का भरोसा मिला है।
शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता । संवाद