हफ्ते भर से आ रही आंधी अब लोगों के लिए आफत बनने लगी है। शनिवार की रात आई तेज आंधी ने लोगों की काफी मुश्किलें बढ़ा दीं। आंधी के कारण रात भर बिजली सप्लाई बाधित रही। इसके अलावा कई जगहों पर पेड़ भी टूटकर गिर गए। वहीं, कुठौंद में कई घरों के छप्पर उड़ गए। इससे लोगों को खासी परेशानी हुई। बीते कई दिनों से मौसम में लगातार बदलाव हो
रहा है। आए दिन आंधी व पानी से तापमान में गिरावट तो आई है, पर इसके साथ ही लोगों की मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं। शनिवार की रात तकरीबन दो बजे आई तेज आंधी के कारण काफी नुकसान हुआ। कई जगहों पर दर्जनों पेड़ टूटकर गिर गए। कु ठौंद, रामपुरा, कदौरा क्षेत्र के कई गांवों में दर्जनों पेड़ आंधी के कारण धराशायी हो गए। इससे कुछ समय के लिए
यातायात भी बाधित हुआ। इसके अलावा सबसे ज्यादा समस्या बिजली की हुई। आंधी की वजह से शहर की रात भर बत्ती गुल रही। ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर बिजली के तार टूटने के
कारण गांवो के लोग बिजली समस्या से जूझते रहे। वहीं कुठौंद में रामदीन, श्याम और मंगल कुमार के घरों के छप्पर उड़ गए। इससे रात के वक्त काफी दुरूह स्थिति पैदा हो गई। ग्रामीणों की मदद से इन परिवारों ने रविवार दोपहर बाद अपने छप्परों को दोबारा बंधवाया।
आतिशबाजी की चिंगारी से दो घर जले
शनिवार देर रात आई आंधी से बारात के पटाखों की चिंगारी उड़कर दो घरों पर गिर गई। इससे उनकी गृहस्थी का सामान जल गया। कैलिया थाना क्षेत्र के ग्राम हिंगुटा में शादी समारोह में आतिशबाजी चलाई जा रही थी। आतिशबाजी की चिंगारी से पास के दो घरों पर गिर गई। चिंगारी से रामप्रकाश पुत्र दमरू और करन सिंह पुत्र दीनदयाल के घर में रखा सामान जलकर
राख हो गया। लेखपाल अंकिता श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक तकरीबन सवा लाख का नुकसान हुआ है। जबकि करन सिंह पुत्र दीनदयाल का लगभग पच्चीस हजार का भूसा जल गया। इसके अलावा गृहस्थी का सामान भी जला है।