उरई। कालपी रोड स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में बने स्टाफ आवासों में छह दिसंबर की रात हुई लाखों रुपये की चोरी का एक सप्ताह बाद भी पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है। चोरों ने टाइप-टू और टाइप-थ्री आवासों को निशाना बनाते हुए तीन घरों में वारदात को अंजाम दिया था। घटना के समय अधिकतर कर्मचारी रात्रि ड्यूटी पर थे, जिससे चोरों को बेखौफ होकर चोरी करने का मौका मिल गया।
मेडिकल कॉलेज में चोरों ने नर्सिंग ऑफिसर पुष्पा पत्नी चंद्रपाल सिंह के तीसरे तल पर बने आवास का ताला तोड़कर अलमारी में रखे लाखों रुपये के जेवरात पार कर दिए थे। बताया गया कि चोरी गए जेवरात में अंगूठियां, चेन, मंगलसूत्र, चूड़ियां, बाले और हार शामिल हैं। पीड़िता पुष्पा ने बताया कि ये गहने उसने बेटी की शादी के लिए बनवाए थे। इसके अलावा गायनिक डॉ. शिल्पा और नर्सिंग ऑफिसर आकांक्षा भट्ट के घरों से भी चोरों ने करीब दो लाख रुपये समेत लगभग 30 लाख रुपये के जेवरात चोरी कर लिए।
नर्सिंग ऑफिसर ऋतु भाटी, संध्या विश्वकर्मा, फार्मासिस्ट घनश्याम पांडेय, नर्सिंग ऑफिसर शिवानी गुप्ता और मार्शलीन के घरों के ताले भी तोड़े गए, लेकिन वहां से चोरों को कुछ हाथ नहीं लगा था। सुबह करीब 10 बजे ड्यूटी से लौटने पर पुष्पा को चोरी की जानकारी हुई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
मौके पर एएसपी प्रदीप कुमार वर्मा, सीओ अर्चना सिंह कोतवाली पुलिस व फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे और जांच की थी। परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में सुबह के समय तीन नकाबपोश बदमाश कमरों से निकलकर बाउंड्री की ओर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने फुटेज के आधार पर जांच तेज करने का दावा किया था, लेकिन घटना के एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद अभी तक चोरों का कोई सुराग नहीं लग सका है।
मेडिकल कॉलेज परिसर जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह पर हुई इस बड़ी चोरी से स्टाफ में दहशत का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। सीओ अर्चना सिंह का कहना है कि चोरों को पकड़ने के लिए टीमें लगी हैं। जल्द ही सभी को पकड़कर खुलासा किया जाएगा।