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Jalaun News: बदमाशों से भिड़ी महिला जिंदगी से हार गई जंग

Tue, 28 Jan 2025 12:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
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मुहम्मदाबाद। चोरी कर रहे बदमाशों से भिड़ने पर उनकी गोली से घायल महिला 17 दिन बाद जिंदगी से जंग हार गई। रविवार रात ग्वालियर में उसकी मौत हो गई। महिला की मौत की सूचना पर सीओ पुलिस के साथ गांव पहुंची और लोगों को समझा और तीन दिन में घटना के खुलासे की बात कही। पुलिस की देखरेख में परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।
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डकोर कोतवाली क्षेत्र के मकरेछा गांव निवासी किसान भारत परिहार 9 जनवरी की रात पत्नी मधु के साथ और दूसरे कमरे में पुत्र शिवम सो रहा था। रात दो बजे के करीब तीन नकाबपोश बदमाश उनके घर में घुस आए और सबसे पहले शिवम के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया था। इसके बाद वह कमरे में रखे बक्से को तोड़ने लगे थे। तभी आवाज सुनकर भारत जाग गए और बदमाशों से भिड़ गए थे।
इसी बीच पत्नी मधु की भी नींद खुल गई और पति को बदमाशों से भिड़ा देख उन्हें बचाने दौड़ीं। दो बदमाशों को दंपती ने पकड़ लिया था। इस पर तीसरे बदमाश ने महिला के पेट में गोली मार दी थी और पति भी छर्रे लगने से घायल हो गए थे। शोर सुन लोग दौड़े तो बदमाश फायरिंग करते हुए भाग गए। घायल अवस्था में परिजनों ने दोनों को मेडिकल कालेज उरई में भर्ती कराया था। जहां गंभीर हालत होने पर कानपुर रेफर कर दिया था।
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कानपुर में महिला की ऑपरेशन कर गोली निकाल दी गई थी। लेकिन तबीयत में फिर भी सुधार नहीं हो रहा था। इस पर परिजन उसे लखनऊ ले गए थे। वहां भी आराम न मिलने पर उसे ग्वालियर में भर्ती कराया था। जहां 16 दिन चले उपचार के बाद रविवार को ग्वालियर में महिला की मौत हो गई। महिला की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

डकोर कोतवाली पुलिस की हीलाहवाली से परिजनों में आक्रोश
घटना के 17 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस अभी तक यह पता नहीं कर पाई है कि आखिर दंपति को गोली मारने वाले आखिर नकाबपोश बदमाश कौन थे। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने गुडवर्क दिखाने के चक्कर में एक व्यक्ति को जेल भेजकर अपना कोरम पूरा कर लिया था, पर दो के बारे में कोई जानकारी नहीं है। परिजन कोई बवाल न करें, सुबह से ही सीओ व कोतवाली पुलिस ने पोस्टमार्टम हाउस में डेरा डाल लिया था। जब तक अंतिम संस्कार नहीं हो गया। पुलिस परिजनों के इर्द-गिर्द ही घूमती नजर आई। शाम को पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

पुलिस ने ट्रक चालकों से नहीं की बात, खुल सकता था राज
ग्रामीणों की मानें तो मृतक महिला का पुत्र शिवम ट्रांसपोर्ट पर काम करता है। उसके पास ही रुपयों का लेनदेन रहता है। यह बात कई ट्रक चालकों को पता रहती है। घटना के दिन भी शिवम के पास रुपये थे। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के दिन से पुलिस ने उसके साथ काम करने वाले ट्रक चालकों से पूछताछ नहीं की। अगर पुलिस इन सबसे पूछताछ करती तो शायद घटना में कुछ और भी हासिल हो सकता था। फिलहाल पुलिस जांच पड़ताल की बात कह रही है।
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