उरई। महेवा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मंगरोल में ग्राम प्रधान माया देवी पर विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन अपने निजी खाते में ट्रांसफर कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोपों के सामने आने के बाद गांव में चर्चा का माहौल गर्म है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
बताया जा रहा है कि ग्राम प्रधान द्वारा विभिन्न कार्यों के नाम पर कुल 4,95,300 रुपये का भुगतान सीधे अपने खाते में कराया गया। इनमें हैंडपंप रिपेयर के लिए 41,600 रुपये, इंटरलॉकिंग व सीसी निर्माण कार्यों में मजदूरी भुगतान के नाम पर 3,72,500 रुपये, गोशाला में लेबर भुगतान 28,350 रुपये, मिट्टी भराई के लिए 15,400 रुपये, बसंताल से मेन रोड तक झाड़ी सफाई के लिए 18,550 रुपये तथा नवलपुरा में झाड़ी सफाई के लिए 18,900 रुपये शामिल हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि इन कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती गई और भुगतान प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई है। कई लोगों का कहना है कि कार्यों की वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और यदि अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्राम प्रधान माया देवी का कहना है कि उनके ऊपर लगे आरोप निराधार हैं। ऐसा कोई भुगतान नहीं हुआ है। बीडीओ अरुण कुमार सिंह का कहना है कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा कोई मामला है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।