उरई। 11 साल पहले तमंचे की गोली लगने से घायल हुए युवक ने ट्रायल के दौरान अपने बयान बदल दिए। कोर्ट ने शुक्रवार को आरोपी को तो दोषी मुक्त कर बरी कर दिया। वहीं, बयान बदलकर सबूत छिपाने के आरोप में युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए है।
कोंच कोतवाली क्षेत्र के अंडा गांव निवासी राजेंद्र सिंह ने कोंच कोतवाली को 16 फरवरी 2014 को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसका पुत्र अजय पाल उर्फ कल्लू 15 फरवरी को गांव के ही वीरू के साथ बाइक से अंडा से महंतनगर कोंच पिपरमेंट की जड़ें लेने गया था। देर रात वह बाइक से घर लौट रहा था। रास्ते में रामस्वरूप रावत मेमोरियल स्कूल के आगे बंबी के पास बाइक पर पीछे बैठे वीरू ने तमंचे से अजयपाल को गोली मार दी। इससे अजय घायल हो गया था।
गांव के कुछ लोगों ने उसे जानकारी दी। वह पुत्र को कोंच ले गया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज झांसी ले गया जहां डॉक्टर ने हालत को गंभीर देखते हुए उसे कानपुर रेफर कर दिया। पुलिस ने जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को पकड़कर कर जेल भेज दिया था। आरोपी के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर दिया था। कोर्ट में चले 11 साल पुराने मामले में ट्रायल के दौरान वादी सहित सभी गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए थे।
वहीं, घायल युवक ने बयान पलट दिए। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों और सबूतों के आधार पर अपर जिला जज सतीश चंद्र द्विवेदी ने पत्रावली का अवलोकन कर वीरू को जानलेवा हमले में दोष मुक्त कर दिया। वहीं घायल युवक के बयान को देखते हुए न्यायाधीश ने अजय पाल उर्फ कल्लू के खिलाफ मुकदमा करने के लिए कारण बताओ नोटिस भेजने का आदेश दिया।