आग से घर जलने से बाहर बैठा युवक।
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कूडे़ के ढेर से निकली चिंगारी ने ग्राम गिधोसा में जमकर तांडव मचाया। देखते ही देखते एक के बाद एक आठ कच्चे घर आग की चपेट में आकर जल गए। जान की बाजी लगाकर लोगों ने घर का जो सामान हाथ लगा उसे बचाया। गांव में पूरी रात चीख पुकार मची रही। ग्रामीणों ने दमकल को सूचना दी। चार गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया। आग से लाखों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
रविवार की देर रात कूड़े में पड़ी चिंगारी से किसान जियालाल के छप्पर में आग लग गई। घरवाले जब तक कुछ समझ पाते, आग की लपटें उठने लगीं। यह देख घरवाले चीखते चिल्लाते बाहर की ओर भागे। हवा तेज चलने की वजह से आग ने पास पड़ोस के घरों को भी चपेट में लेना शुरू कर दिया। इसके बाद पूरे गांव में हो हल्ला मच गया। कोई बाल्टी में पानी लेकर तो कोई हाथों में पानी की रबर लेकर आग बुझाने में जुट गया।
इस बीच दमकल को सूचना दी गई। कुछ ही देर में पुलिस भी आ गई। काफी देर बाद दमकल की गाड़ियों का गांव में पहुंचना शुरू हुआ। एक गाड़ी से आग बुझती न देख देख कर्मियों ने फायर स्टेशन को सूचना कर और गाड़ियां मंगवाई। तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। जब उरई, कोंच और जालौन से दमकल की गाड़ियां गांव पहुंचीं तो लपटो से घिरे मकानों को घेरकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। सुबह होने तक पूरी तरह से आग पर काबू पाया जा सका। ग्रामीणों ने बताया कि कृषि उत्पादन मंडी समिति के बाहर जल रहे कूड़े के ढेर से उठी चिंगारी ने तबाही मचाई है।
आग से सेवाराम गुर्जर के 20 हजार रुपये और घर गृहस्थी का सामान, राम कृष्ण प्रजापति के 45 हजार रुपये, घर गृहस्थी का सामान, मातादीन वर्मा के 15 हजार रुपये व गृहस्थी का सामान, धनीराम के 12 हजार रुपये, घर गृहस्थी का सामान, जियालाल, मनमोहन के घर गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। आग लगने से हुई क्षति का जायजा लेने मौके पर पहुंचे लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट बनाकर तहसीलदार को सौंप दी है। इसमें नकदी व लाखों रुपये का सामान जलने की बात कही गई है।