उरई। जिले की जर्जर विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी संभाल रही मोंटे कार्लो कंपनी एक बार फिर लापरवाही के घेरे में है।
तय समय अप्रैल के अंत तक काम पूरा करना था, लेकिन अब भी परियोजना का 20 से 35 प्रतिशत हिस्सा अधूरा पड़ा है। इसे लेकर अधीक्षण अभियंता ने नाराजगी जताई और कंपनी पर पेनल्टी लगाने के लिए एमडी को पत्र भेजने की तैयारी की है।
जिले के विद्युत ढांचे को मजबूत करने के लिए शासन ने पुराने खंभों और जर्जर लाइनों को बदलने के लिए करीब 198 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था, जिसे बाद में घटाकर 120 करोड़ कर दिया गया। यह कार्य मोंटे कार्लो कंपनी को सौंपा गया था, इसे अप्रैल 2025 तक पूरा करना था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, कई बार चेतावनी और जुर्माने के बावजूद कंपनी समय पर काम पूरा नहीं कर सकी।
विभाग का दावा है कि करीब 20 प्रतिशत काम अभी भी बाकी है, जबकि सूत्रों की मानें तो यह आंकड़ा 30 से 35 प्रतिशत तक हो सकता है। वहीं, जो कार्य अब तक किया गया है उसमें भी कई जगहों पर गुणवत्ता से समझौता किया गया है। उच्च अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान इन कमियों को उजागर किया था और उसे सुधारने का निर्देश भी कंपनी को दिया था, जो अब तक लंबित है।
अधीक्षण अभियंता नंदलाल ने कहा कि काम में देरी और लापरवाही को लेकर कंपनी पर पेनल्टी लगाई जाएगी। एमडी को पत्र लिखा जा रहा है। अगर शेष कार्य पर 10 प्रतिशत की दर से जुर्माना लगाया गया तो यह 20 से 25 लाख रुपये तक हो सकता है। उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियों को भी इस बावत पत्र भेजा जाएगा। यदि निर्देश मिले तो बचे हुए भुगतान में से पेनल्टी की राशि काटी जाएगी।