उरई/मुहम्मदाबाद। बेतवा नदी में पोकलेन मशीन से किए गए खनन ने एक किशोर की जिंदगी लील ली।
ननिहाल आया किशोर चार दोस्तों के साथ बेतवा नदी में नहाने गया था। नहाते समय वह खदान नंबर आठ के गड्ढे में डूब गया। पुलिस ने स्थानीय गोताखोर की मदद से शव को निकलवाया। पुलिस ने चारों दोस्तों को पूछताछ के लिए थाने में बैठाया है। राज अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसने इस साल हाईस्कूल पास किया था।
हमीरपुर जिले के राठ थाना क्षेत्र के सैदपुर गांव निवासी नरेंद्र राजपूत की डकोर कोतवाली क्षेत्र के जैसारी गांव में ससुराल है। गुरुवार को जैसारी में पड़ोसी लड़के की शादी है। नरेंद्र की पत्नी अनुसुइया बेटे राज राजपूत (16) के साथ मायके शादी समारोह में शामिल होने आई हैं।
बुधवार सुबह जैसारी कला निवासी कैलाश राजपूत के पुत्र हिमांशु (15), सुरेश के पुत्र प्रदुम (14) व नृपत के पुत्र मोहित उर्फ मंगू (14) व योगेंद्र उर्फ चंगू (13) के साथ दो बाइकों से कहटा गांव के पास स्थित बेतवा नदी में नहाने चले गए थे। सभी वहां संचालित खदान चंदवारी आठ नंबर में नहाने लगे। इसी दौरान राज पोकलेन मशीन से हुए गड्ढे में डूब गया। साथियों ने उसे डूबता देख शोर मचाया। इस पर आसपास मौजूद लोग आए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एक घंटे बाद स्थानीय गोताखोरों की मदद से किशोर के शव को बरामद किया।
एनजीटी के नियमों के विपरीत है मशीन से खनन
उरई। गांव वालों का कहना है कि बेतवा नदी में संचालित खदान चंदवारी नंबर आठ में एनजीटी के नियमों की अनदेखी करके खनन किया जा रहा है। रात में पोकलेन मशीन से खनन किया जाता है। यह एनजीटी के नियमों के खिलाफ है। यह भी आरोप है कि मामले की जानकारी अधिकारियों को है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती है। लोगों का कहना है कि अगर मशीन से खनन करके गड्ढा नहीं किया गया होता तो किशोर राज की जान नहीं जाती।
राज के शव को देख बेसुध हो गई मां
उरई। दो दिन पहले मां अनुसुइया के साथ आया राज बाहर दोस्तों के साथ जाने की बात कहकर निकला था। मां ने उसे घर के पास रहने की बात कही थी, लेकिन वह बिना बताए दोस्तों के साथ बेतवा नदी में नहाने पहुंच गया। शाम को जैसे ही उसका शव घर पहुंचा मां बेसुध हो गई। वह बार-बार एक ही बात कह रही थी कि भगवान तूने मुझे किस कसूर की सजा दी है। उसकी वेदना को देख आसपास खड़े लोग अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे।
चेन बनाकर नहा रहे थे सभी, हाथ छूटा और गड्ढे में समा गया राज
उरई। पांचों दोस्त दो बाइकों से बेतवा नदी में नहाने गए थे। एक दिन पहले ही सभी का प्लान बन चुका था। सुबह 11 बजे सभी नदी के किनारे पहुंच गए। सभी किनारे ही नहा रहे थे। राज ने कहा कि अंदर जाकर नहाते हैं। इसके बाद सभी एक दूसरे का हाथ पकड़कर नहाने की बात कही। चेन बनाकर सभी नदी के अंदर गए। जैसे ही गड्ढे में राज गया तो उसका हाथ छूट गया।
बेतवा नदी में नहाते समय किशोर की मौत हुई है। वह अपने चार दोस्तों के साथ नहाने गया था। मामले में चारों से पूछताछ की जा रही है।
-अर्चना सिंह, सीओ