उरई/कोंच। करीब एक घंटे की आंधी और हल्की बारिश ने काफी नुकसान किया है। गुरुवार को रात में दो बजे से तीन बजे तक तेज आंधी चली। इस वजह से खेत में कटी गेहूं की फसल उड़ गई। जो फसल नहीं कटी थी वह जमीन पर पसर गई। कई जगह खंभे टूटने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई घरों के टिन शेड और छप्पर उड़ गए।
आंधी इतनी तेज थी कि कई कच्चे घरों के टिन शेड और छप्पर उड़कर दूर जा गिरे। खेतों में कटी गेहूं की फसल दूर तक उड़ गई। उरई, एट, पिंडारी, पहाड़गांव, कैलिया, महेशपुरा, नदीगांव, जालौन, क्योलारी आदि मार्गों पर कुछ पेड़ उखड़कर सड़क पर गिर गए। इससे कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा। पेड़ों को सड़क से हटाकर यातायात सुचारू किया गया।
ग्रामीणों क्षेत्र में बिजली के खंभे टूटने और लाइनों पर पेड़ गिरने से बिजली सप्लाई बाधित हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति रात से ही ठप पड़ी है। इसे दुरुस्त करने में बिजली कर्मचारी देर शाम तक लगे रहे। एसडीएम ज्योति सिंह का कहना है कि आंधी से नुकसान की सूचना नहीं मिली है। सभी लेखपालों से क्षेत्र में सर्वे कराकर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। एट प्रतिदिनि के अनुसार, इलाके में काफी नुकसान होने की आशंका है। आंधी की वजह से पिंडारी फीडर से जुड़े पिरौना, बिलायां, जखोली, एट, कुरकुरू, चांदपुरा, गिरथान, सोमई, धगुवाकलां, खेरा पचवारा, सेवड़ी, धुरट, भरसूडा, छिरावली सहित करीब 40 गांवों की बिजली गुल हो गई। शुक्रवार देर शाम तक बिजली की सप्लाई शुरू हो सकी।
कोंच प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के कई बिजली फीडर आंधी से प्रभावित हुए हैं। पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिन्हें दुरुस्त करने में बिजली कर्मचारी लगे रहे। एसडीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि कस्बे के भगतसिंह नगर, दोहर सहित ग्रामीण क्षेत्र के नदीगांव, महेशपुर, तीतरा, सदुपुरा, अंडा, सामी, रुरा आदि फीडर बाधित हुए है जिन्हें ठीक करने कर्मचारी लगे हुए हैं।