उरई। अपराधों का जल्द खुलासा करने के लिए गठित एसओजी लगातार अपराधियों की कमर तोड़ने में लगी हुई थी। कई बड़े खुलासे कर पुलिस ने अधिकारियों से लेकर स्थानीय लोगों के दिल में भी अपनी जगह बनाई थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों से एसओजी ने जिले की छवि को धूमिल करने का काम किया। इस पर एसपी का पारा चढ़ गया और उन्होंने पूरी टीम को भंग कर लाइन भेज दिया।
18 सितंबर को रामपुरा कस्ो में एसपी को जुआ होने की सूचना मिली थी। इस पर उन्होंने एसओजी टीम को जुआ पकड़ने के लिए भेजा था। टीम ने वहां से करीब एक दर्जन जुआरियों को पकड़कर पांच लाख रुपये की बरामदगी दिखाई थी। लेकिन रुपये ज्यादा होने की बात सामने आई थी। तब प्रभारी सहित चार लोगों को लाइन हाजिर कर दिया गया था।
इसके बाद टीम की जिम्मेदारी राजेंद्र नगर चौकी प्रभारी को सतीश कुशवाहा को सौंपी गई थी। इससे बाद से ही टीम विवादों से घिर गई। टीम के चार सिपाहियों के नाम राजस्थान के अलवर में हुए एक युवक के अपहरण में शामिल होने पर जिले में टीम की खूब किरकिरी हुई थी। तभी से लोग टीम पर सवालिया निशान खड़े कर रहे थे। गुरुवार की रात एसपी ने पूरी टीम को भंग कर लाइन भेज दिया है