उरई। अपर जिला जज पारुल पंवार ने गुरुवार को कई विभागों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले जिला कारागार का भ्रमण कर विधिक शिविर लगाया। वृद्धाश्रम व आश्रय-गृह का निरीक्षण किया और अंत में कलक्ट्रेट परिसर स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बंदियों, संवासियों और पीड़ित महिलाओं से संवाद किया। उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला कारागार के निरीक्षण के दौरान पारुल पंवार ने भ्रमण कर बंदियों से समस्याएं जानीं। जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि जिन बंदियों की जमानत सक्षम न्यायालय से हो चुकी है, लेकिन जमानतदार न होने के कारण रिहा नहीं हो पा रहे हैं, उनकी सूची तुरंत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजी जाए। आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों की जमानत राज्य की ओर से जिला समिति के माध्यम से कराने की बात कही। सचिव ने महिला बंदियों व उनके साथ रह रहे बच्चों की चिकित्सा, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन बंदियों के पास निजी अधिवक्ता नहीं हैं, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिवक्ताओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जाए।
इसके बाद वह अन्य न्यायिक अधिकारियों के साथ राठ रोड स्थित वृद्धाश्रम और मोहल्ला लहरियापुरवा के आश्रय-गृह का निरीक्षण किया। वृद्धाश्रम में 119 संवासी मिले। इसके बाद आश्रय-गृह का निरीक्षण किया गया, जहां 13 आश्रित बाढ़ पीड़ित मिले। सचिव ने कलक्ट्रेट परिसर स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर का भी औचक निरीक्षण किया। सेंटर पर मौजूद दो पीड़ित महिलाओं से भी संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं और उनके पुनर्वास के लिए निर्देश दिए।