जालौन। बारिश के चलते 50 वर्ष पुराने मकान की छत शनिवार की शाम भरभराकर ढह गया। छत के नीचे बैठे वृद्ध और दो बच्चे मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए। मोहल्ले के लोगों ने उन्हें निकालकर सीएचसी पहुंचाया। सदर लेखपाल ने मौके का मुआयना किया।
नगर के मोहल्ला तोपखाना में गुरुदास जाटव (65) का मकान है। उनके घर की छत लगभग 50 वर्ष पूर्व ईंट व सरियों से बनी हुई है। समय के साथ छत कमजोर हो गई। पिछले दिनों हुई बारिश के चलते नमी भी आ गई। वृद्धावस्था के चलते गुरुदास चलने फिरने में असमर्थ हैं। इसके चलते वह घर पर ही रहते हैं। बच्चों से लगाव होने के चलते बच्चे उनके पास कुछ सीखने और खेलने के लिए आ जाते हैं। रोज की तरह शनिवार की शाम करीब चार बजे वह मोहल्ले के मयंक साहू (10) पुत्र देवचंद्र साहू व अंशू (14) पुत्र अखिलेश के साथ कमरे में बैठकर उन्हें मिट्टी के खिलौने बनाना सिखा रहे थे। इसी दौरान अचानक से कमरे की छत का निचला हिस्सा भरभराकर छह गया। छत के मलबे की चपेट में गुरुदान के साथ ही मयंक व अंशू भी आ गए और मलबे के नीचे दब गए। मोहल्ले के लोगों ने जब चीखने चिल्लाने की आवाज सुनी तो वहां गए और तीनों को मलबे से बाहर निकालकर तत्काल सीएचसी ले गए। सीएचसी में उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। सूचना मिलने पर सदर लेखपाल वैभव त्रिपाठी भी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया।