उरई। बारिश थमे हुए 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन शहर के नालों और रपटों का जलस्तर कम नहीं हो रहा है। मंगलवार को गोहिनी नाले का पानी मुख्य सड़कों पर घुटनों से ऊपर बह रहा है। कई मोहल्लों में पानी भरा है। 200 से ज्यादा घरों में पानी भरा हुआ है। 12 सौ से अधिक घर पूरी तरह से पानी में घिरे हुए हैं। जिंदगी थम सी गई है। लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।
सोमवार को लगातार 12 घंटे तक हुई बारिश शहर के लिए मुसीबत बन गई है। मंगलवार शाम तक कई नालों और रपटों का पानी घरों के अंदर व मुख्य सड़कों तक पहुंच गया। इससे लोग घरों में कैद हो गए। एक मंजिला घर डूबने की कगार पर हैं। शहर के भीतर शांति नगर और उमरारखेरा से होकर दो नाले निकलते हैं जो मलंगा नाले से मिलते हैं।
यह है जलभराव की वजह
करीब 30 किलोमीटर के ग्रामीण व शहरीय क्षेत्रों का पानी इन्हीं गोहिनी और मलंगा नालों से होकर बहता है। लगातार बारिश के चलते इन नालों से पानी नहीं निकल पाया। इससे रपटों और पुलों के आसपास के घर इस बारिश की पानी की चपेट में आ गए। सुहाग महल का अस्थायी रास्ता भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। वहीं, कई रास्ते जलभराव के कारण बंद हैं।
15 हजार की आबादी दो दिन से बिना बिजली के
इन प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों से बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है। शांति नगर के लगभग 100 घरों में दो दिनों से बिजली नहीं है। तिलक नगर, रामकुंड के पीछे, कसाई मंडी जैसे इलाकों में भी दो दिन से बिजली गुल है। लगभग 15 हजार की आबादी अंधेरे में है। रामकुंड के पास, नीलबरी और डढ़वा में लगे ट्रांसफार्मर जलमग्न हो गए हैं। इससे इन क्षेत्रों की आपूर्ति बंद कर दी गई है। अधिशासी अभियंता जितेंद्र नाथ ने बताया कि जब तक ट्रांसफार्मरों के पास से पानी नहीं हटेगा, सप्लाई शुरू करना खतरनाक होगा और इससे बड़ा हादसा हो सकता है।
शांति नगर में कई घरों की भूतल पानी में डूबा
शहर के शांति नगर मोहल्ले में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। मोहल्ले का मुख्य सड़क से संपर्क कट चुका है। लोगों को तीन-तीन फुट पानी से गुजरकर निकलना पड़ रहा है। यहां लगभग सौ घरों के लोग प्रभावित हैं। कई घरों की पहली मंजिल डूब चुकी है और लोगों ने अपने सामान को दूसरी मंजिल पर पहुंचा दिया है। इलाके में न तो एंबुलेंस जा सकती है, न ही पैदल निकलना संभव है। फिलहाल नाव ही एकमात्र विकल्प है, लेकिन प्रशासन की ओर से इसकी भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
डढ़वा और तिलक नगर में 50 दुकानें में भी भरा पानी
डढ़वा का पुल लगातार उफान पर है। यहां लगभग 50 दुकानों में पानी भर चुका है और 60 से 70 घरों में पानी का स्तर बढ़ा है। लोग अपने घरों में कैद हैं। घरों के दरवाजे आधे से अधिक डूबे हुए हैं। नाले के किनारे बने तिरपाल के घर बह गए हैं। आसपास की गलियों में पानी की ऊंचाई कई फीट तक है। देर रात पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई घर पूरी तरह डूब गए। गलियों में खड़ीं गाड़ियां डूब गई हैं और ट्रांसफार्मर के आसपास भी पानी भरा है। यहां करीब एक हजार की आबादी प्रभावित है। जलभराव के कारण लोग दुकानों को खोल भी नहीं पा रहे हैं।
घटिया के नीचे रपटा डूबा, बैल बाजार का मैदान भी जलमग्न
रामकुंड पार्क के पीछे स्थित घटिया रपटा पूरी तरह डूब चुका है। यहां चार से पांच फीट पानी बह रहा है। पालिका के एमआरएफ सेंटर के अंदर तक पानी पहुंच गया है। इस रपटा से आवागमन पूरी तरह बंद है। बैल बाजार का मैदान और उससे सटा सार्वजनिक शौचालय भी जलमग्न हो गए हैं। पास का पुल भी डूब चुका है। रपटा के आसपास के लगभग 100 घरों में पानी घुस गया है। पानी का बढ़ता स्तर देखने के लिए लोग आसपास इकट्ठा हो रहे हैं।
नाले में गिरी स्कूटी, युवकों ने बचाई जान
मंगलवार को मातापुरा निवासी संकेत सड़क पर बहते पानी के बीच से निकल रहे थे, लेकिन तेज बहाव के चलते उनका संतुलन बिगड़ गया और वे स्कूटी समेत नाले में गिर पड़े। स्कूटी भी बह गई। मौके पर मौजूद युवक उस्मान, भाटिया, जुनैद, जुबैर और रजा ने तत्परता दिखाते हुए पानी में कूदकर नाले से युवक और स्कूटी को सुरक्षित बाहर निकाला। पानी का बहाव तेज होने के बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रास्ता पार कर रहे हैं।