पहली बार जनपद में आए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सचिव और जिले के नोडल
अधिकारी प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली से खुश नजर नहीं आए। उन्होंने
विभागवार विकास कार्यों की समीक्षा की और लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार
लगाई। प्रगति रिपोर्ट तैयार करने में भी अधिकारियों की उदासीनता पर कार्य
में सुधार लाने की चेतावनी दी।
लोहिया गांव में प्राथमिकता से कार्य पूरे
कराने के निर्देश भी दिए। वह जनपद के दो दिवसीय दौरे के पहले दिन बुधवार को
विकास भवन में समीक्षा बैठक कर रहे थे। जनपद के नोडल अधिकारी डॉ. हरीओम के
यहां पहुंचने पर जिलाधिकारी रामगणेश एवं अन्य अधिकारियों ने स्वागत किया।
इसके बाद विकास भवन के सभागार में उन्होंने विकास कार्यों की
समीक्षा की।
सबसे पहले जिलाधिकारी ने जिले में सूखा और खराब सड़कों की जानकारी दी। इसके
अलावा अन्य समस्याएं बताईं। इसके बाद उन्होंने विभाग वार समीक्षा की और
जहां कमी मिली अधिकारियों को फटकार भी लगाई। लोहिया गांव में विकास कार्यों
की भी रिपोर्ट देखी और वैकल्पिक ऊर्जा से जल्द आच्छादित, आंगनबाड़ी
केंद्रों का जल्द निर्माण कराए जाने
के निर्देश दिए है। साथ ही लोहिया
गांवों के काम प्राथमिकता से पूरे कराएं। नोडल अधिकारी ने स्पष्ट रूप से
निर्देश दिए कि यह उनकी पहली बैठक है। अगली बैठक में किसी भी स्तर पर
लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अधिकारी अपने विभाग की रिपोर्ट पर पूरा होमवर्क
करके आएं। सीडीओ एसपी सिंह समेत अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह
प्रगति रिपोर्ट पर
विशेष नजर रखे अधिकारियों से हर माह रिपोर्ट ले और उसका
निरीक्षण कराएं। अपर पुलिस अधीक्षक शकील अहमद ने जिले में अपराध आख्या
प्रस्तुत की। इस दौरान प्रगति पुस्तिका में खामियां होने पर उन्होंने जिला
अर्थ एव संख्या अधिकारी को न केवल फटकार लगाई बल्कि उनसे स्पष्टीकरण तलब
किया है।
तीन वर्ष में 40 मौतें चिंता का विषय
बिजली
विभाग के अधीक्षण अभियंता एसएस प्रसाद ने बताया कि बबीना और कुठौंद
क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या है। इसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा
है। ग्रामीण क्षेत्र में 15 से 17 घंटे बिजली मिल दे पा रहे हैं। अधूरी
परियोजनाओं पर
तेजी से काम किया जा रहा है। करंट से हादसों के बारे में
जानकारी ली गई और बताया गया कि तीन साल में 40 मौतें हुई हैं। इस पर नोडल
अधिकारी ने नाराजगी जताई और बिजली विभाग के साथ जिले के अधिकारियों से भी
कहा कि यह चिंता का विषय है। जर्जर तारों को जल्द बदलवाएं।
धरातल पर काम कीजिए...
लोक
निर्माण विभाग के अधिकारी विभाग की रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे थे तो उसी समय
नोडल अधिकारी की नजर प्रगति रिपोर्ट पर गई। उन्होंने पाया कि 11 किमी की
सड़क का बजट होने के बावजूद पांच साल में नहीं बन पाई। इस पर उन्होंने कड़ी
फटकार लगाई और कहा कि आंकड़ेबाजी नहीं धरातल पर काम कीजिए।
छह अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण
नोडल अधिकारी ने समीक्षा बैठक में विकास कार्यों और राजस्व वसूली के
लक्ष्य में उदासीन अधिकारियों को फटकार लगाई। इसके अलावा बैठक से गैरहाजिर
रहे छह विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए
है।
समीक्षा बैठक में उस समय अधिकारी परेशान हो उठे जब एक के बाद एक
अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश
दिए जा रहे थे। सेतु निगम के
परियोजना निदेशक बैठक से गैरहाजिर थे। इस पर उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है।
इसके बाद सेतु निगम, मंडी परिषद के उप निदेशक, राजकीय निर्माण निगम,
मनोरंजन कर अधिकारी, जल निगम, जिला अर्थ
एवं संख्याधिकारी से स्पष्टीकरण
तलब किया है। इसके अलावा विकास कार्यों की बुकलेट में सीडीओ कार्यालय की ओर
से गंभीरता नहीं दिखाई गई है। इस पर कड़ी नाराजगी जताई गई।