उरई। 14 महीने पहले युवक की चाकू व लाठी-डंडों से मारपीट कर हत्या में दोषी को कोर्ट ने आजीवन कारावास सुनाया है। उस पर 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। कोर्ट ने इसी मामले में तीन आरोपियों को बरी भी किया है।
सिरसा कलार थाना क्षेत्र के जरगांव निवासी वीरेंद्र प्रताप ने थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि 15 मई 2024 को उसका भतीजा पुष्पेंद्र सिंह ग्राम तरसौर से रात करीब आठ बजे त्रयोदशी में शामिल होकर घर लौट रहा था। रास्ते में वह शिवशंकर सेंगर की दुकान पर रुककर गुटखा लेने लगा। इसी दौरान घात लगाए बैठे जरगांव निवासी गोलू, केशव सिंह व माधव तमंचे लेकर आ गए। साथ ही पीछे से शिवा भी चाकू लिए था। चारों ने मिलकर उस पर हमला कर दिया। गोली चलाने पर पुष्पेंद्र के पेट में छर्रे लग गए थे और गोलू ने उसके पेट में चाकू से प्रहार कर दिया था। आसपास के लोगों ने जब हमलावरों को ललकारा तो वह भाग निकले थे।
मौके पर पहुंचे परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पुष्पेंद्र को मेडिकल काॅलेज भेजा। उसे कानपुर रेफर किया गया था। सिरसा कलार पुलिस ने हत्या का प्रयास सहित अन्य धाराओं में चारों हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 29 मई 2024 को उसकी इलाज के दौरान कानपुर में मौत हो गई थी।
पुलिस ने विवेचना में हत्या की धारा बढ़ोतरी कर आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया था। गुरुवार को सुनवाई पूरी हुई। इसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर अपर जिला जज सतीश चंद्र द्विवेदी ने केशव, माधव व शिवा को साक्ष्यों व गवाहों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। गोलू को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।