तमाम कवायद के बावजूद शहर की यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पा रही है। हालात यह है कि जरा सी अव्यवस्था होते ही भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। गुरुवार को भी यही हुआ। विकलांगों द्वारा शहर में निकाले गए जुलूस के बाद शहर में जाम लग गया। इससे शहरी घंटों जाम से जूझते रहे।
काफी मशक्कत के बाद यातायात व्यवस्था फिर से पटरी पर लौट सकी। शहर की ध्वस्त हो चुकी यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए यातायात विभाग गंभीर नहीं है। यही वजह है कि लाखों शहरवासियों को कई वर्षों से शहर में जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
गुरुवार को विकलांग दिवस पर विकलांगों द्वारा शहर में जुलूस निकाला गया। जुलूस अंबेडकर चौराहे से कलेक्ट्रेट पहुंचा। इस जुलूस के कारण शहर की यातायात व्यवस्था घंटों पटरी से उतरी रही। हालात यह हो गए कि जिला परिषद से लेकर शहीद भगत सिंह चौराहे तक करीब दो घंटे लोगों को पैदल चलने के लिए भी जगह नहीं मिली।
दो घंटे से अधिक समय तक शहरवासी जाम की समस्या से जूझते रहे। चौराहों पर चारों ओर केवल जाम ही जाम नजर आ रहा था। बाद में स्थानीय दुकानदारों की सूझबूझ और मशक्कत के बाद किसी तरह जाम खुला और यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।