हसन व हुसैन की यादगार के रूप में चेहल्लुम पर ताजिये निकालने के बाद अकीदतमंदों द्वारा ताजियों को कर्बला शरीफ में दफन किया गया। इसके पूर्व 2 दिसंबर को रात 12 बजे तथा 3 दिसंबर को दोपहर 12 बजे ताजियों को तोपखाना स्थित तकिया मैदान से उठाया गया।
उन्हें नगर के विभिन्न मार्गो से होते हुए चुंगी नंबर 4 पर कर्बला शरीफ की ओर ले जाया गया जहा अकीदतमंदो ने पूरे ऐहतीमाम से उन्हें कर्बला शरीफ में दफन कर दिया। चेहल्लुम नगर में ताजिया 2 दिसंबर को रात तकिया मैदान से 12 बजे उठाए गए जिसमें 10 ताजिया धारकों ने छोटे-बडे़ हर प्रकार के ताजिए बना रखे थे।
सभी ताजियों को नत्थू चौराहा, बम्बई वाले मंदिर से सब्जी मंडी में सुबह 4 बजे तक रखा गया। इसके बाद 3 दिसम्बर को सभी ताजियों को झंडा चौराहा पर एकत्रित कर शाम 4 बजे उन्हें पत्थर वाली गली होते हुए बम्बई वाले मंदिर के रास्ते से होते हुए चुंगी नं 4 पर कर्बला शरीफ के लिए रवाना किया गया।
यहां सभी ताजियों को एकत्रित कर कर्बला शरीफ के मैदान में दफन किया गया। इस दौरान प्रशासन ने चाक चौबंद व्यवस्था कर रखी थी। जुलूस के दौरान एसडीएम प्रेमचंद्र यादव, सीओ कुलदीप सिंह, कोतवाल लाल बहादुर यादव, चौकी प्रभारी विक्त्रस्म सिंह, एस आई मोहित दुबे पूरे फोर्स के साथ ताजिया धारकों व जुलुस के साथ रहें।