उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के दो गुटों ने बीएसए कार्यालय पर 20
सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को प्रदर्शन किया। एक गुट ने बीएसए कार्यालय
से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च भी किया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर टीचरों ने सीएम
को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। प्रदर्शन में शिक्षकों के कई संगठन शामिल
हुए। इस प्रदर्शन के बाद 16 मार्च को लखनऊ में विशाल प्रदर्शन
की तैयारी
है। बुधवार को उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष
महेंद्र सिंह भाटिया केे नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय
में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धरना प्रदर्शन किया। शिक्षक पुरानी पेंशन
योजना को बहाल करने, अंतरजनपदीय स्थानांतरण के अलावा कम ग्रेड पे वाले
शिक्षकों को क्रमश: 17140 और 18150 रुपये वेतनमान का
लाभ दिए जाने तथा
विद्यालयोें एवं ब्लाक स्तर पर होने वाली खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए
धनराशि देने सहित 20 सूत्री मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने
अपना मांग पत्र जिलाधिकारी रामगणेश को सौंपा। इसमें सीएम से मांगों को पूरा
करने की बात कही गई है। बता दें कि मांगें नहीं पूरी होने पर 16 मार्च को
शिक्षक लखनऊ में प्रदर्शन करने की भी तैयारी कर रहे हैं।
इस दौरान जिला
मंत्री संजय दुबे, कोषाध्यक्ष दिनेश नामदेव, संरक्षक रामराजा द्विवेदी,
हरीसिंह राजपूत, अनुराग मिश्रा, नरेश निरंजन, दीपक पाठक, जगत निरंजन,
युद्धवीर कंथरिया, शैलेंद्र निरंजन, रामसनेही राजपूत, विद्यासागर मिश्रा,
सोम त्रिपाठी, योगेंद्र जादौन, अरुण निरंजन, कृष्णकांत, राजेश शुक्ला,
ब्रजेंद्र राजपूत, हरिओम दुबे, शैलेंद्र गुप्ता आदि शिक्षक मौजूद रहे।
उधर,
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ठाकुर दास यादव के
नेतृत्व में शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय पर धरना देने के बाद कलेक्ट्रेट तक
पैदल मार्च भी किया। कलेक्ट्रेट पहुंचे टीचरों ने डीएम रामगणेश को सीएम को
संबोधित ज्ञापन पत्र सौंपा। टीचरों ने छात्र-छात्राओं की यूनिफार्म के लिए
विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में धनराशि भेजने के बाद
शिक्षाधिकारियों
की मिलीभगत से दोयम दर्जे की ड्रेस खरीदने के लिए बनाए जा रहे दबाव की
शिकायत भी की । शिक्षकों ने कहा कि सेवाकाल में मृत्यु होने पर आश्रित को
बीएड, टीईटी या बीटीसी की अर्हता पर ही टीचर की नियुक्ति दी जाए अन्यथा
लिपिक के पद पर नौकरी देने की मांग की। इस दौरान उन्होंने 50 प्रतिशत खंड
शिक्षाधिकारियों केे पद परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों की पदोन्नति
से भरे जाने की भी मांग की।