पिछले दिनों कथित तौर पर धर्मांतरण के बाद आरोपी को बजरंग दल के लोगों की
तरफ से पकड़ कर अपमानित किए जाने का मुद्दा अब भी गर्म है। इस घटना के बाद
पुलिस की कार्रवाई पर भड़के हिंदू संगठनों ने बुधवार को सड़कों पर जुलूस
निकाला। विश्व हिंदू परिषद के बैनर तले एकजुट हुए हिंदू संगठनों ने
कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने
कहा कि हिंदुत्व
के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। इस दौरान बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर लगे
मुकदमों को वापस लेेने की भी मांग की गई। इतना ही नहीं गौ हत्या करने वाले
और इन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की भी मांग की गई।
बुधवार को शहर के पटेल नगर स्थित जयराम स्कूल के सामने मैदान में विश्व
हिंदू परिषद की अगुवाई में
बजरंग दल, हिंदू युवा वाहिनी, दुर्गा वाहिनी,
महाराणा प्रताप वाहिनी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद समेत अन्य संगठन के
पदाधिकारी एकत्रित हुए। यहां बजरंग दल के प्रांतीय सह संयोजक और अन्य
जनपदों से आए कार्यकर्ता जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। जुलूस शहर के
अंबेडकर चौराहे होते हुए जिला परिषद और फिर कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना सभा
में बदल गया।
इस दौरान बजरंग दल के प्रांतीय संयोजक कुशलपाल सिंह ने कहा कि
हिंदुत्व पर आंच नहीं आने दी जाएगी। धर्मांतरण को हर हाल में रोका जाएगा।
उन्होंने कहा कि हिंदू विरोधी ताकतों के इशारे पर प्रशासन व पुलिस ने
बजरंगियों के घरों पर जो तांडव किया है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विहिप के प्रांतीय मंत्री वीरेंद्र पांडेय, बजरंग दल प्रांत सह संयोजक
रामजी तिवारी, झांसी जिला जिला के संयोजक अनूप करोसिया, विहिप झांसी के
अध्यक्ष आचार्य अविनाश, झांसी के जिला मंत्री रामेश्वर मिश्रा, महोबा के
विभाग सह संयोजक अवधेश शर्मा, क्षत्रिय महासभा के अंशुमन सिंह सेंगर, हिंदू
युवा वाहिनी के जिला संयोजक ब्रजेश कोबरा, गौरक्षा सह प्रमुख राजा बाबू
विद्यार्थी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांतीय सह मंत्री
आनंद
प्रताप सिंह चौहान आदि ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की। कहा गया कि बजरंग दल
के कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया है।
जबकि गोहत्या करने वालों के प्रति नरम रुख अपनाया जा रहा है। कई वक्ताओं ने
अखिलेश डीहा के प्रदर्शन को जायज ठहराया और कहा कि जुर्म करना अपराध है तो
जुर्म सहना भी अपराध है।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधि
मंडल जिलाधिकारी रामगणेश व पुलिस अधीक्षक एन कोलांचि से मिला और
राष्ट्रपति, गृह मंत्री व राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि
मंडल ने कहा कि किसी कार्यकर्ता का उत्पीड़न सहन नहीं किया जाएगा। मामले की
निष्पक्ष जांच के लिए तीन दिन का समय प्रशासन को दिया गया है। इसके बाद
बजरंग दल
ने जिला प्रशासन को व्यापक आंदोलन का अल्टीमेटम दिया है। इस मौके
पर रत्नाकर त्रिपाठी, कपिल तोमर, बलवीर सिंह जादौन, सत्यप्रकाश त्रिपाठी,
लाल सिंह चौहान, मयंक यादव, धर्मेंद्र अनुरागी, विपिन सेठ, आशीष सेठ, राजेश
कुरौती, धर्मेंद्र द्विवेदी, कौशल किशोर द्विवेदी, रामजी सेंगर आदि मौजूद
रहे।
पुलिस ने रोका रास्ता
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित
सांकेतिक धरना प्रदर्शन में कालपी, माधौगढ़, जालौन से शामिल होने आ रहे
बजरंग दल कार्यकर्ताओं का रास्ता पुलिस ने रोक लिया। पुलिस की इस कार्रवाई
पर धरना के दौरान आक्रोश जताया गया। कहा गया कि रास्ता रोक कर प्रशासन ने
एक और अन्याय किया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बुद्धि शुद्धि को हुई रामधुन
पुलिस
एवं जिला प्रशासन की ओर से बजरंग दल कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई
पर आक्रोशित हिंदू संगठनों की ओर से आला अफसरों की बुद्धि शुद्धि के लिए
रामधुन गाई गई। इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। कार्यकर्ताओं ने
इस दौरान जमकर नारेबाजी की।
कमिश्नर व डीआईजी का भी करेंगे घेराव
विहिप
झांसी के विभाग मंत्री रामेश्वर मिश्रा ने कहा कि बजरंग दल कार्यकर्ताओं
पर दर्ज फर्जी मुकदमे तीन दिन में वापस नहीं हुए तो मंडल स्तर पर बैठे
कमिश्नर व डीआईजी का भी घेराव करेंगे। झांसी का कार्यकर्ता अन्याय व
उत्पीड़न के खिलाफ हर संघर्ष को तैयार है।
अधर्म के खिलाफ खड़ा होगा संत समाज
प्रदर्शन
में जनपद के कई महंत और महामंडलेश्वर शामिल हुए। इस दौरान श्रीश्री 1008
निर्भयदास त्यागी दूधाधारी महाराज, श्रीश्री 1008 ब्रह्मनारायण दास
महामंडलेश्वर सहोखर खेरा मुसमरिया ने कहा कि जब-जब धरती पर अधर्म हुआ है,
संत समाज आगे आया है। यहां पर भी अधर्म की सीमा पार हो रही है। इससे संत
समाज आहत है। समाज को जगाने और अधर्म को
रोकने के लिए संत समाज भी आगे
रहेगा। इनके अलावा श्री 108 रघुवीर दास महाराज सिरसा दो गढ़ी, श्री108
रामदास महाराज औरेखी, श्री 108 किशुन दास महाराज सिरसा दो गढ़ी ने भी
धर्मांतरण के मुद्दे पर विहिप के धरना प्रदर्शन में सहभागी बने।
...अब नहीं सहेंगे अन्याय
धरना
प्रदर्शन में दुर्गावाहिनी के अलावा अन्य महिलाओं ने प्रतिभाग कर अपना
आक्रोश दर्ज कराया। भाजपा महिला सभा की उपाध्यक्ष कुमकुम सिंह ने कहा कि घर
में घुसकर महिलाओं को प्रताड़ित करना पुलिस प्रशासन छोड़ दे। अब अन्याय
सहन नहीं किया जाएगा। धर्म की रक्षा करने में महिलाएं आगे रही हैं और आगे
रहेंगी। सुषमा देवी, सुशीला देवी, तारावती, सुनीता, शर्मीला आदि ने भी
पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
बैकफुट पर रहा प्रशासन
विहिप के
बैनर तले आंदोलन की शुरुआत शहर में जुलूस निकालकर की गई। पटेल नगर के मैदान
से कार्यकर्ता जुलूस के रूप में आगे बढ़े और फिर जमकर नारेबाजी की।
अंबेडकर चौराहे पर लगी पुलिस ने हरकत की तो कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू
कर दी। सबसे आगे बजरंग दल और विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी थे। इसके पीछे
अन्य संगठन के लोग चल रहे थे। पुलिस प्रशासन पूरी तरह बैकफुट पर रहा।
भाजपाई हुए शामिल, पर रहे मौन
भारतीय
जनता पार्टी के पदाधिकारी और वरिष्ठ कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल तो
हुए, पर मौन रहे। कुछ कार्यकर्ता सभा से बाहर खड़े थे तो कुछ बैठे रहे।
जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल, पूर्व विधायक संतराम सिंह सेंगर, पूर्व
जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह जादौन, बृजभूषण सिंह मुन्नू, उदय पिंडारी,
मूलचंद्र निरंजन, जगदीश तिवारी, पूर्व नगर अध्यक्ष हरेंद्र विक्रम सिंह,
भगवान दास शुक्ला मौजूद रहे।
मनुराज पर रासुका की कार्रवाई से बिफरे
बीते वर्ष बजरंग दल के जालौन नगर के कार्यकर्ता मनुराज तिवारी पर की गई
रासुका की कार्रवाई से भी हिंदू संगठन बिफर गए। उन्होंने कहा कि मनुराज
तिवारी के साथ ही हिंदुत्व का दमन करने के लिए यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा
शासन के इशारे पर की गई है। अब यह दमन और नहीं होेने दिया जाएगा।